पिछले 10 वर्षों में ओडिशा के 400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों की पूरे भारत में मृत्यु हुई है. इस बात की जानकारी मंगलवार को विधानसभा में श्रम मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने दी. बीजेपी विधायक टंकधर त्रिपाठी के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए श्रम मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने कहा कि 2015 से 27 नवंबर, 2024 के बीच ओडिशा के 403 प्रवासी श्रमिकों की अन्य राज्यों में मृत्यु हुई.
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इस अवधि के दौरान राज्य से बाहर काम करते समय गंजम जिले के सबसे अधिक 59 प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु हुई. इसके बाद कालाहांडी (39), बोलनगीर (35), कंधमाल (32) और रायगढ़ा (28) जिले हैं. सिंघुंटिया ने कहा कि सरकार ने 2014 में ओडिशा से 26,397 श्रमिकों के प्रवास के लिए अंतर-राज्य प्रवासी कामगार (रोजगार और सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम के तहत श्रम ठेकेदारों को 388 लाइसेंस जारी किए.
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उन्होंने कहा कि 2024 में ओडिशा से 60,683 श्रमिकों के प्रवास के लिए 883 ऐसे लाइसेंस जारी किए गए.इसके अलावा सिंघुंटिया ने कहा कि उनकी सरकार ने संकटपूर्ण प्रवास के मुद्दे को हल करने के लिए उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है.
यह टास्क फोर्स पंचायती राज और पेयजल विभाग के माध्यम से काम कर रही है. जल्द ही कमेटी की तरफ से सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी.