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देशभर में 25 लाख शादियां, सोशल डिस्टेंसिंग ताक पर... कोरोना की वापसी का कारण न बन जाए?

Local Circles ने एक रिपोर्ट तैयार की है जो बताती है कि पूरे देश में आने वाले समय में 25 लाख शादियांं होने वाली हैं और इनमें हर 10 में से 6 लोग शामिल होने जा रहे हैं.

कोरोना खतरे के बीच शादियों का सिलसिला शुरू ( सांकेतिक फोटो) कोरोना खतरे के बीच शादियों का सिलसिला शुरू ( सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नवंबर-दिसंबर में 25 लाख शादियां
  • लोगों में खत्म हो रहा कोरोना खौफ

देश में कोरोना के मामले काफी कम हो गए हैं. जिस संभावित तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा था, उससे भी फिलहाल राहत ही नजर आ रही है. इस बीच नवंबर-दिसंबर में शादियों का सीजन आ गया है. हर रोज बड़ी तादाद में शादियां हो रही हैं और आगे होनी हैं. लोगों के मन में कोरोना का डर भी कम हो गया है. इस बदलते ट्रेंड पर एक रिपोर्ट भी सामने आ गई है.

कोरोना कम, शादियों की बहार

Local Circles ने एक रिपोर्ट तैयार की है जो बताती है कि पूरे देश में आने वाले समय में 25 लाख शादियांं होने वाली हैं और इनमें हर 10 में से 6 लोग शामिल होने जा रहे हैं. चिंता की बात ये है कि इन लोगों में अब कोरोना का खौफ खत्म सा हो गया है और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर चिंता भी पहले की तुलना में कम हो गई है. इसमें पचास प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है.

14 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच ही अकेले दिल्ली में 1.5 लाख शादियां होने जा रही हैं. सभी बैंकेट हॉल बुक चल रहे हैं और कई जगहों पर बुकिंग प्री-कोविड लेवल पर पहुंच चुकी हैं. लोग अब ना सिर्फ शादियां करवा रहे हैं बल्कि मेहमान भी बड़ी संख्या में आते दिख रहे हैं.

कितने लोग शादियों में जा रहे?

यही ट्रेंड Local Circles की रिपोर्ट भी देखने को मिल रहा है. सवाल पूछा गया था कि क्या आप लोग नवंबर-दिसंबर में कोई शादी अटेंड करने जा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में 9 प्रतिशत लोग ऐसे रहे जो पहले ही शादी अटेंड कर चुके हैं और अब उन्हें कोई दूसरी शादी में नहीं जाना है. लेकिन 44 प्रतिशत ऐसे लोग भी सामने आए जो अभी तक तो किसी शादी में नहीं गए लेकिन अब जाने की तैयारी कर रहे हैं. सिर्फ 24% ऐसे भी लोग हैं जिन्हें किसी शादी का न्योता नहीं मिला है.

वहीं बदलते ट्रेंड को इस बात से भी समझा जा सकता है कि पिछले साल तक यही लोग इस वजह से शादी अटेंड नहीं कर पा रहे थे क्योंकि वो पास नहीं ले पाए थे. रिपोर्ट के मुताबिक तब 35 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्हें शादियों का न्योता तो आया था, लेकिन उनके पास कोई पास नहीं था.

हैरानी की बात ये भी है कि इस साल कोरोना का डर लोगों में कम हो गया है. 76 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनकी नजरों में कोरोना खतरा कम हो चुका है. वहीं 3% ऐसे भी हैं जो अब कोई खतरा नहीं मानते हैं. वहीं कोरोना को थोड़ी तवज्जो देने वालों की संख्या 22 प्रतिशत है. इस रिपोर्ट के दौरान कुल 8,758 लोगों ने अपने जवाब दर्ज करवाए हैं.

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