मणिपुर में नए सिरे से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं. सूबे के बिष्णुपुर जिले में सोमवार तड़के एक के बाद एक तीन आईईडी धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया. फौगाकचाओ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सैतोन-नगानुकोन इलाके में स्थित एक लावारिस घर में ये विस्फोट हुए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले दो धमाके सुबह 5:40 से 5:55 बजे के बीच हुए, जबकि तीसरा धमाका सुबह करीब 8:30 बजे हुआ. शुरुआती विस्फोटों की आवाज सुनकर घर के पास पहुंचे दो लोग दूसरे धमाके की चपेट में आने से घायल हो गए.
यह इलाका केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सुरक्षा घेरे में आता है. सुरक्षा बलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया है.
मणिपुर के तलहटी वाले इलाकों सैतोन और तोरनुंग में ताजा हिंसा की खबरें हैं, जहां एक और शख्स के घायल होने की जानकारी मिली है. इसी इलाके में दिसंबर के दूसरे हफ्ते में भी इसी तरह के हमले हुए थे.
सुनियोजित तरीके से लगाए गए थे आईईडी
अधिकारियों के मुताबिक, आईईडी को एक लावारिस घर में सुनियोजित तरीके से लगाया गया था. सुबह के समय हुए तीन धमाकों के बाद इलाके में दहशत फैल गई. जब पहले विस्फोट के बाद स्थानीय लोग स्थिति देखने के लिए घर के पास गए, तभी दूसरा धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आने से गांव के दो लोग जख्मी हो गए. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह हमला इलाके में अशांति फैलाने के मकसद से किया गया था.
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सुरक्षा बल अलर्ट और अतिरिक्त सेना तैनात
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिष्णुपुर के प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेज दिए गए हैं. सुरक्षा बल अब पूरे क्षेत्र की घेराबंदी करके यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वहां कोई और विस्फोटक तो नहीं छिपाया गया है. दिसंबर में हुए पिछले हमलों और मौजूदा स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है. पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें धमाकों के पीछे के साजिशकर्ताओं की पहचान करने में जुटी हैं.