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महोबा जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार, बोले- मामले की सीबीआई जांच हो

मृतक व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी के परिजनों से मिलने जा रहे अजय कुमार ने कहा कि सरकार से मांग है कि घटना की CBI जांच हो. सरकार 1 करोड़ की आर्थिक सहायता दे. तत्कालीन महोबा SP सहित सभी दोषियों को तत्काल जेल भेजा जाए. आश्रित को नौकरी दी जाए और परिवार को सुरक्षा दी जाए.

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू (फाइल-पीटीआई)
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • व्यापारी की हत्या के बाद UP में सियासत गरमाई
  • कांग्रेस ने कहा- मामले की सीबीआई जांच हो
  • SP पाटीदार द्वारा व्यापारी से घूस मांगने का मामला
  • ADG प्रयागराजः जल्द गिरफ्तार होंगे एसपी पाटीदार

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक व्यापारी की हत्या के बाद राज्य की सियासत फिर से गरमा गई है. महोबा जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के नेता मृतक व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी के परिजनों से मिलने जा रहे थे.

घाटमपुर क्षेत्र में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं अजय कुमार लल्लू और आराधना मिश्रा मोना की प्रिवेंटिव गिरफ्तारी की. अजय लल्लू ने ट्वीट कर कहा कि पुलिस ने घाटमपुर गेस्ट हाउस में डिटेन कर रखा है. कानून-व्यवस्था की दुहाई दे रही है. गुंडई के दम पर रोक दिया, 3 घंटे सड़क पर रखा.

उन्होंने कहा कि सरकार से मांग है कि घटना की CBI जांच हो. सरकार 1 करोड़ की आर्थिक सहायता दे. तत्कालीन महोबा SP सहित सभी दोषियों को तत्काल जेल भेजा जाए. आश्रित को नौकरी दी जाए और परिवार को सुरक्षा दी जाए.

इस बीच सपा कार्यकर्ताओं ने कबरई थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया. 'ब्राह्मण विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी', 'इंद्रकांत को न्याय दो' के जोर दारनारों के साथ तमाम सपा कार्यकर्ता थाने के गेट में धरने में बैठ गए.

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इस बीच थाने में मौजूद आईजी के सत्यनारायण ने व्यापारी के हत्यारों को जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर सपा कार्यकर्ताओं का धरना खत्म कराया. हत्या के विरोध में पूरा कबरई नगर बंद है.

जल्द होगी गिरफ्तारी: ADG प्रयागराज

दूसरी ओर, ADG प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश ने बताया कि महोबा व्यापारी हत्याकांड में निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ 302 में स्वतः ही मामला दर्ज हुआ. पहले उन पर 307 के तहत मामला दर्ज था, लेकिन मौत के बाद 302 में तब्दील हुआ. एसपी और दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी भी होगी. यह एक संगीन मामला है. आरोपी एसपी पाटीदार उपलब्ध नहीं हैं. जल्दी ही एसपी पाटीदार को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. इसके लिए टीम भेजी गई है और उनकी गिरफ्तारी की जाएगी.

इस बीच इंद्रकांत त्रिपाठी के अंतिम संस्कार के बाद एएसपी वीरेंद्र कुमार के व्यवहार से माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस अंतिम संस्कार से लौटे कुछ लोगों को थाने ले जाकर पूछताछ करना चाहती थी लेकिन इससे लोग नाराज हो गए. व्यापारी के परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की.

पुलिस के व्यवहार से आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों नागरिकों ने 2 सब इंस्पेक्टर का घेराव भी किया. सैकड़ों समर्थकों के साथ व्यापारियों ने थाने की ओर कूच किया. महोबा जिले के कबरई कस्बे में व्यापारी के अंतिम संस्कार के बाद कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाने का विरोध करते इकट्ठा हुई भीड़ थाने तक आ गई थी.

प्रियंका गांधी ने साधा निशाना
इस हत्याकांड पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी योगी आदित्यनाथ की सरकार पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया, 'महोबा के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या पूरी यूपी सरकार की कार्यशैली पर सवाल है. बीजेपी सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है, और अब इस सरकार के अफसर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुपारी दिलवा रहे हैं. जंगलराज का भयावह रूप है ये.'

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वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि महोबा के ‘इंद्रकांत त्रिपाठी सरकारी हत्याकांड’ में दिखावटी सस्पेंशन की लीपापोती न करके सरकार गिरफ्तारी करे. आरोपित पुलिस कप्तान व डीएम के खिलाफ इतनी ढिलाई क्यों? पुलिस किस अधिकार से जन प्रतिनिधियों को जनता से मिलने व उनके मुद्दे उठाने से रोक रही है? क्या कोई हिस्सेदारी है?

क्या है मामला
इंद्रकांत त्रिपाठी ने एसपी मणिलाल पाटीदार के जरिए घूस मांगे जाने का वीडियो वायरल कराया था. जिसके बाद एसपी पाटीदार सहित कई थानेदारों को सस्पेंड कर दिया गया और इनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया था. कानपुर में मृतक व्यापारी के परिवार ने कहा कि एसपी राजा बनकर घूस मांगता था और इसने ही यह हत्या करवाई है.

निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार समेत 4 लोगों पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था जो अब 302 में बदल चुका है. इस मामले में मृतक क्रेशर व्यापारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने कबरई थाने में तहरीर दी थी. तहरीर में दोषियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस रजिस्टर्ड कर जेल भेजने की मांग पर केस दर्ज किया गया था.

क्रेशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी ने तत्कलीन एसपी मणिलाल, सुरेश सोनी, ब्रह्मदत्त और एसओ देवेंद्र कुमार शुक्ला पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे.

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