मंदिरों के शहर मदुरै में विकास और अव्यवस्था की अजीब तस्वीर दिख रही है. एक तरफ नए फ्लाईओवर और बढ़ता कारोबार शहर की तरक्की की कहानी कह रहे हैं तो दूसरी ओर सड़कों पर कचरा और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. मदुरै शहर के मौजूदा हालात पर हमारी संवाददाता ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया है कि शाम होते ही यहां मच्छरों का आतंक मच जाता है. हर जगह मच्छरों के झुंड दिखाई देते हैं और लोगों का उनसे बचना नामुमकिन हो जाता है.
अक्षिता नंदगोपाल ने बताया कि मैं अनगिनत बार मदुरै जा चुकी हूं और हर बार जब मैं वहां जाता हूं तो मुझे वहां कुछ सुकून मिलता है- सड़कों की लय, वहां की अराजकता की जानी-पहचानी-सी अनुभूति और जिस तरह से ये शहर चुपचाप भविष्य की ओर बढ़ते हुए अपने अतीत को थामे रहता है.
नागरिक सुविधाओं की बदहाली
रिपोर्ट में बताया कि यहां का ट्रैफिक अभी-भी काफी हद तक मदुरै जैसा ही है (यानी अंतहीन एकतरफा सड़कें), लेकिन नए फ्लाईओवरों की बदौलत कुछ जगहों पर थोड़ा अधिक व्यवस्थित लगता है. यहां पहले से ज्यादा चहल-पहल है- चाहे वह छोटे व्यवसाय हों, नई दुकानें हों या फिर ये सामान्य एहसास हो कि शहर सिर्फ एक मंदिर नगर होने की छवि से आगे बढ़कर विकास करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन इस चमक-धमक के पीछे नागरिक सुविधाओं की बदहाली भी साफ नजर आती है. सड़कों के कोनों पर जमा कूड़ा और कचरा प्रबंधन की विफलता शहर की इस बढ़त पर ब्रेक लगाती दिख रही है.
वैगई नदी की हालत चिंताजनक
मदुरै की जीवनरेखा कही जाने वाली वैगई नदी की हालत आज चिंताजनक है. नदी के पास से गुजरने पर केवल स्थिर गंदा पानी और जमा हुआ कचरा ही दिखाई देता है. नागरिक प्रशासन की अनदेखी के कारण नदी के पैच कचरे के डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो गए हैं.
यही सड़ांध और स्थिर पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा स्रोत है. जब तक जल निकासी और नदी की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक मच्छरों के इस आतंक से मुक्ति मिलना नामुमकिन लग रहा है.
शाम होते ही बढ़ती है मच्छरों की समस्या
मदुरै की सड़कों पर टहलना हो या किसी कैफे में बैठना, मच्छरों की भिनभिनाहट हर जगह आपका पीछा करती है. शाम होते ही ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है. शहर की ऊर्जा और लोगों की गर्मजोशी मदुरै को खास बनाती है, लेकिन ये बुनियादी नागरिक मुद्दा रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. लोग अब इस चुनाव के वक्त में प्रशासन से बदलाव और जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं.
मदुरै एक खूबसूरत शहर है, जिसमें एक अनोखी ऊर्जा है, लेकिन इसे अपने नागरिक कचरे और अव्यवस्था को ठीक करने की सख्त जरूरत है. शहर के विकास के साथ-साथ बुनियादी साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है. चुनाव के वक्त नागरिकों के लिए अपनी मांगों को मजबूती से रखने और प्रशासन को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराने का सबसे अच्छा मौका है. उम्मीद है कि जल्द ही मदुरै की शामें मच्छरों के डर के बिना सुकून भरी होंगी.