कर्नाटक के दावणगेर जिले में एक बुजुर्ग महिला अपने पेंशन के लिए पिछले दो महीने से पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगा रही हैं. 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलने में दिक्कत हैं. उन्हें पिछले दो महीने से पेंशन की रकम नहीं मिल रही है. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने महिला की तस्वीर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार से जल्द से जल्द बुजुर्ग महिला की समस्या के समाधान की अपील की है.
77 वर्षीय गिरिजम्मा दावणगेर जिले के हरीहर तालुक स्थित कुनिबेलकेर गांव की रहने वाली हैं. पूर्व सीएम ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस शासित कर्नाटक का असली हाल ये है. सरकार कहती है कि गारंटी देकर वे लोगों के जीवन सुधार रही है लेकिन बुजुर्ग महिला की मुसीबत देख समझा जा सकता है कि लोगों का जीवन पटरी से उतर चुका है. पूर्व सीएम ने कहा, "मशासन यानी महीने की पेंशन के लिए 5 किलोमीटर दूर तक रेंगती हुई इस दादी ने नागरिक समाज की चेतना को झकझोर दिया है."
महिलाओं को देते हैं 2000 लेकिन बुजुर्ग महिलाओं का क्या?
एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि बुजुर्ग महिला की मुसीबत देख हम सबका सिर शर्म से झुक गया है और साथ ही सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब वह सीएम थे तब समाज के दबे-कुचले लोगों, बुजुर्ग, विकलांग और विधवाओं के लिए कई योजनाएं चलाईं. बुजुर्गों को मिलने वाली रकम बढ़ाई. सरकारी की ये जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंदों की मदद करे. आप महिलाओं को 2000 रुपए देते हैं लेकिन उन अनगिनत बुजुर्ग मांओं का क्या? क्या सरकार को कोई दया नहीं आती?
सरकार समय पर रिलीज करे पेंशन
एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार ने योजनाएं लागू की हैं और ये अच्छी बात है लेकिन सेवानिवृत्ति पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग महिलाओं को मिलने वाला पेंशन समय पर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिला का "रेंगकर" पेंशन के लिए आना पड़ता है और इस तरह की घटना नहीं दोहराया जाना चाहिए. सरकार को इस मां को जरूरी मदद तुरंत करनी चाहिए. (अनघा के इनपुट के साथ)