Russia-Ukraine war: रूस और यूक्रेन में जंग के हालात के बीच वहां रह रहे भारतीयों की वतन वापसी तेज हो गई है. मेडिकल छात्रों से लेकर वहां व्यापार कर रहे भारतीयों तक, सभी ने तेजी से यूक्रेन छोड़कर भारत लौटना शुरू कर दिया है. सरकार ने भी वहां रह रहे भारतीयों के लिए एडवायजरी जारी कर उन्हें जल्द से जल्द निकलने की सलाह दी है.
भारत सरकार यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए विशेष अभियान चला रही है. इसके तहत एअर इंडिया (Air India) की एक फ्लाइट यूक्रेन से लौट चुकी है. अब 24 और 26 फरवरी को भी फ्लाइट भेजकर लोगों को वहां से लाया जाएगा. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत सरकार बिना किराया लिए ही यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को देश वापस लेकर आ रही है?
2017 में फिरोजाबाद के सिरसागंज में कुंजपुरा से पहुंचे आशुतोष जैन भी घर वापस लौट चुके हैं. वे यूक्रेन में पांचवें वर्ष (अंतिम वर्ष) की एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. डर के माहौल के बीच आशुतोष अपने घर सिरसागंज लौट आए हैं. ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस 5th ईयर के छात्र आशुतोष जैन ने बताया कि यूक्रेन में युद्ध के माहौल से वहां लोग दहशत में हैं. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को कैम्पस से निकलने के लिए मना कर दिया है.
यूक्रेन में युद्ध की जानकारी मिलने के बाद वे डर गए थे. बड़ी परेशानी के बाद 17 फरवरी को निटी फ्लाइट से दुबई और फिर दुबई से मुंबई-दिल्ली होते हुए फिरोजाबाद 18 फरवरी की रात घर पहुंचे. फिरोजाबाद लौटे आशुतोष ने बताया कि यूक्रेन से भारत आने वाली फ्लाइट का टिकट बहुत महंगा है. खाने-पीने का सामान बहुत महंगा हो गया है.
आशुतोष की मां संगीता जैन ने बताया कि जब खबरें पढ़ीं तो लोगों ने बच्चों को घर पर बुलाने के लिए कहा. आशुतोष के पिता संतोष जैन ने बताया कि युद्ध की चेतावनी आने के बाद हम बार-बार अपने बच्चे से हालात के बारे में पूछ रहे थे. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो हमारे बच्चों के 5 साल खराब हो जाएंगे.
महंगी टिकट लेकर आना पड़ रहा देश
आशुतोष ने बताया कि यूक्रेन से आने वाली फ्लाइट में काफी वेटिंग है. इसलिए विमान कंपनियां बहुत ज्यादा पैसे चार्ज कर रही हैं. बता दें कि सरकार ने विशेष फ्लाइट तो चला दी हैं, लेकिन एयरलिफ्ट मिशन शुरू नहीं किया है और सरकार एयरलिफ्ट की स्थिति बनने पर ही नागरिकों को मुफ्त लेकर आती है.