भारतीय रेलवे को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है. हर रोज बड़ी संख्या में लोग इससे यात्रा करते हैं. त्योहरों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने से कई बार लोगों को टिकट नहीं मिल पाता और लोगों को यात्रा करने में परेशानी होती है. ऐसे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि भारत में अगले चार से पांच सालों के अंदर 3000 नई ट्रेनें लॉन्च करेगा. इन ट्रेनों के लॉन्च होने से यात्री क्षमता मौजूदा 800 करोड़ से बढ़ाकर 1,000 करोड़ हो जाएगी.
3000 ट्रेनों होंगी लॉन्च
साथ ही, रेल मंत्री ने कहा कि यात्रा का समय कम करना उनके मंत्रालय का एक और लक्ष्य है. रेल भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में, रेलवे से सालाना लगभग 800 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमें चार से पांच साल में क्षमता बढ़ाकर 1,000 करोड़ करनी होगी क्योंकि आबादी बढ़ रही है.
रेलवे सूत्रों की मानें तो 2027 तक मौजूदा ट्रेनों में लगभग 3,000 ट्रेनों को जोड़ने की तैयारी चल रही है. अगर उन्हें इस गति से जोड़ा जाता है, तो 2027 तक रेलवे द्वारा वेटिंग लिस्ट को खत्म करने की कोशिश की जाएगी और हर किसी को कंफर्म टिकट मिल सकेगा.
हर साल 5,000 कोच का हो रहा निर्माण
यात्रियों की क्षमता बढ़ाने कि लिए 3000 अतिरिक्त ट्रेनें लॉन्च होंगी जिससे यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या को समायोजित किया जा सकेगा. रेलवे के सूत्रों की मानें तो वर्तमान में 69,000 नए कोच उपलब्ध हैं और हर साल रेलवे द्वारा लगभग 5,000 नए कोच का निर्माण करवाया जा रहा है. सूत्रों ने कहा कि इन सभी प्रयासों से रेलवे हर साल 400 से 450 वंदे भारत ट्रेनों के अलावा 200 से 250 जोड़ी नई ट्रेनें चला सकता है.
यात्रा के समय को कम करने पर भी हो रहा काम
रेल मंत्रालय ने कहा कि यात्रा के समय को कम करने के लिए भी रेलवे काम कर रहा है. इसके लिए रेलवे स्पीड और रेल नेटवर्क को बढ़ाने का कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि लंबे रूट की ट्रेन की गति बढ़ाने और धीमी करने में लगने वाले समय को कम करना महत्वपूर्ण है क्योंकि निर्धारित ठहराव के अलावा, मार्ग में कई मोड़ों पर ट्रेन की गति कम करनी पड़ती है.
रेल मंत्री ने बताया कि यदि हम राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली-कोलकाता रूट लेते हैं, और यदि हम मोड़ों और स्टेशनों पर ट्रेन की गति बढ़ाने और धीमी करने के समय में सुधार करते हैं तो अभी लगने वाले टाइम के मुकाबले हम दो घंटे और 20 मिनट बचा सकेंगे. उन्होंने बताया कि वंदे भारत में ट्रेन की गति बढ़ाने और घटाने में लगने वाला समय बाकी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से चार गुना बेहतर है. यही वजह है कि वंदे भारत यात्रा में कम समय लेती है.
वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों की गति बढ़ाने और घटाने के समय में सुधार पुश-पुल कान्फिगरेशन मोड नामक तकनीक से संभव है. हम इस तकनीक को उन सभी कोचों पर लागू करने की योजना बना रहे हैं जो अब निर्मित किए जा रहे हैं.