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Indian Railways: ट्रेन हादसे के पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे में 10 गुना बढ़ोतरी, जानें अब कितने रुपये मिलेंगे

रेलवे बोर्ड ने ट्रेन हादसों में किसी की मौत या घायल होने पर मिलने वाली राशि को 10 गुना बढ़ा दिया है. बता दें कि इससे पहले राहत राशि में आखिरी बार 2012 और 2013 में बदलाव किया गया था. आइए जानते हैं पीड़ितों को अब कितने रुपये मिलेंगे.

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देश में जब भी कोई रेल हादसा होता है तो पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे पर एक नई बहस शुरू हो जाती है लेकिन अब रेलवे ने इस बहस पर विराम लगा दिया है. रेलवे ने मुआवजे की राशि में इजाफा किया है. रेलवे बोर्ड ने ट्रेन हादसों में किसी की मौत या घायल होने पर मिलने वाली राशि को 10 गुना बढ़ा दिया है. बता दें कि इससे पहले राहत राशि में आखिरी बार 2012 और 2013 में बदलाव किया गया था.

रेलवे के मुआवजे में 10 गुना बढ़ोतरी

रेलवे द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, "अब ट्रेन दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं में मृत और घायल यात्रियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राहत राशि में सुधार करने का फैसला लिया गया है." सर्कुलर के मुताबिक, दुर्घटनाओं में मृत यात्रियों के परिजनों को अब 5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 2.5 लाख रुपये दिए जाएंगे और साधारण चोट वाले यात्रियों को 50,000 रुपये मिलेंगे. पहले ये रकम 50,000 रुपये, 25,000 रुपये और 5,000 रुपये थी.

आश्रितों को मिलेगी इतनी रकम

सर्कुलर में आगे कहा गया है कि मृत यात्रियों के आश्रितों को 1.5 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल यात्रियों के आश्रितों को 50,000 रुपये रुपये और किसी अप्रिय घटना में साधारण रूप से घायल यात्रियों के आश्रितों को 5,000 रुपये मिलेंगे. पिछली अनुग्रह योजना में यह राशि भी 50,000 रुपये, 25,000 रुपये और 5,000 रुपये थी. अप्रिय घटनाओं में आतंकवादी हमला, हिंसक हमला और ट्रेन में डकैती जैसे अपराध शामिल हैं.

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इन लोगों पर भी लागू होगा नियम

इसमें ये भी कहा गया है कि ये उन सड़क उपयोगकर्ताओं पर भी लागू होगा जो रेलवे की गलती के चलते फाटक दुर्घटना का शिकार होते हैं. वहीं, बोर्ड ने ये भी स्पष्ट किया है कि सड़क उपयोगकर्ताओं को "मानव रहित क्रॉसिंग पर दुर्घटना, अतिक्रमियों, ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) द्वारा करंट लगने वाले व्यक्तियों के मामले में कोई राहत नहीं दी जाएगी." ये नए नियम 18 सितंबर से लागू कर दिए गए हैं.

घायल यात्री के अस्पताल में भर्ती होने पर..

वहीं, ट्रेन दुर्घटनाओं के मामले में गंभीर रूप से घायल यात्री अगर 30 दिनों से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती है तो हर 10 दिन की अवधि के आखिर में या छुट्टी की तारीख (जो भी पहले हो) पर प्रतिदिन 3,000 रुपये जारी किए जाएंगे. ये बदलाव रेलवे अधिनियम 1989 में ट्रेन दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं में यात्रियों की मृत्यु या चोट के लिए मुआवजा दायित्व निर्धारित किया गया है.

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