चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की रफ़्तार बैलगाड़ी से भी कम हो गई है. यहां ट्रेनें तक़रीबन 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही हैं. ट्रेनों के लेट चलने से अब यात्रियों के सब्र का बांध भी टूटता नजर आ रहा है. ट्रेन की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों ने मंगलवार की रात आरा से दुर्ग तक चलने वाली ट्रेन के ट्रेन मैनेजर को ही बंधक बना लिया था. दरअसल, सुबह 9 बजे आने वाली यह ट्रेन मंगलवार को रात आठ बजे के बाद पहुंची थी.
6.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही ट्रेन
यह घटना चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय के रेलवे स्टेशन चक्रधरपुर की है. जैसे ही ट्रेन चक्रधरपुर स्टेशन रात आठ बजे के बाद पहुंची तो यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर ट्रेन के मैनेजर को घेर लिया और कहा कि ट्रेन को तब तक आगे बढ़ने नहीं देंगे जब तक ट्रेन की रफ़्तार ठीक नहीं की जाती है. दरअसल, यह साऊथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार को 11 घंटे लेट चक्रधरपुर स्टेशन पहुंची थी. चांडिल में यह ट्रेन 5 घंटे रीशेड्यूल होने के कारण 5 घंटे लेट पहुंची थी. चांडिल से टाटानगर की दुरी मात्र 35 किलोमीटर है और टाटानगर आते-आते यह ट्रेन साढ़े 10 घंटे लेट हो गई. यानि कि यह ट्रेन तक़रीबन 6.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही थी. वहीं, यह ट्रेन चक्रधरपुर पहुंचते पहुंचते साढ़े छह घंटे और लेट हो गई. कुल मिलकर ट्रेन 11 घंटे लेट हो गई जिससे यात्रियों में गुस्सा इतना था कि ट्रेन के चक्रधरपुर में रुकते हंगामा मचाना शुरू कर दिया और ट्रेन के ट्रेन मैनेजर को ब्रेक वैन से उतारकर उसके साथ खूब बहस बाजी की.
यात्रियों के हंगामे के कारण ट्रेन चक्रधरपुर में 25 मिनट तक रुकी रही
ट्रेन को धीमी गति से चलाने और यहां वहां ट्रेन को घंटों रोकने से नाराज यात्री हंगामा मचाते रहे. इस बीच ट्रेन में सफ़र कर रहे दो बच्चों की भी तबियत बिगड़ गई थी. जिनके इलाज के लिए चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल की डॉक्टर नंदिनी और अन्य चिकित्साकर्मी पहुंचे थे. डॉक्टर नंदिनी ने कहा कि दोनों मरीज को पेट दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत थी. दोनों का इलाज करके दवा दे दी गई है. यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन की लेटलतीफी से यात्री बीमार पड़ रहे हैं. वहीं, चक्रधरपुर स्टेशन के ऑपरेटिंग विभाग के कर्मचारियों ने रेल यात्रियों को भरोसा दिया कि ट्रेन अब लेट नहीं होगी. इसके बाद यात्री शांत हुए और ट्रेन को आगे गंतव्य मार्ग के लिए रवाना किया गया. यात्रियों के हंगामे के कारण ट्रेन चक्रधरपुर में 25 मिनट तक रुकी रही.
ये ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं
चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की धीमी गति से चलने के कारण भीषण गर्मी में ट्रेनों में सफ़र कर रहे यात्रियों का हाल बेहाल है. ट्रेन की बोगी भट्टी की तरह जल रही है और यात्री बैलगाड़ी की तरह चल रही ट्रेन के अन्दर पानी और खाने के लिए तरसते हुए नजर आ रहे हैं. लगभग सभी ट्रेनों का परिचालन दिन प्रतिदिन चक्रधरपुर रेल मंडल में ख़राब होता जा रहा है. सिर्फ साऊथ बिहार एक्सप्रेस ही नहीं हावड़ा आद्रा चक्रधरपुर एक्सप्रेस, गीतांजलि सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस, योगनगरी ऋषिकेश पूरी उत्कल एक्सप्रेस, हावड़ा अहमदाबाद एक्सप्रेस, हावड़ा टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, टाटा एर्नाकुलम एक्सप्रेस, आजाद हिन्द एक्सप्रेस, समलेश्वरी एक्सप्रेस, मेल एक्सप्रेस, टाटा इतवारी एक्सप्रेस, टाटा बिलासपुर एक्सप्रेस, टाटा चक्रधरपुर टाटा मेमू पैसेंजर, टाटा चक्रधरपुर राउरकेला मेमू पैसेंजर, सारंडा मेमू पैसेंजर सहित और भी ट्रेनें हैं जो की 3 घंटे से लेकर 10 घंटे तक चक्रधरपुर रेल मंडल में लेट चल रही हैं.
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम ने क्या कहा?
चक्रधरपुर रेल मंडल के बोर्डर में स्थित टाटानगर, झारसुगुड़ा और चांडिल ये तीन स्टेशन को पार करने के बाद ट्रेनें 3 घंटे से लेकर 8 घंटे तक लेट हो रही हैं. यानि की चक्रधरपुर रेल मंडल में ही यात्री ट्रेनों के परिचालन में खराबी देखी जा रही है. इस रेल मंडल में प्रवेश करते ही ट्रेन को इतना लेट कर दिया जा रहा है कि यात्री की हालत ख़राब हो जा रही है. ट्रेन के अन्दर यात्री बीमार पड़ने लगे हैं. इसको लेकर रेल अधिकारी ट्रेन को समय पर चलाने की बात तो करते हैं लेकिन उसके उलट सभी ट्रेन की लेट लतीफी बढ़ती ही जा रही है. चक्रधरपुर रेल मंडल का ऑपरेटिंग विभाग ध्वस्त नजर आ रहा है. यहां का ट्रेन परिचालन प्रबंधन चरमरा गई है और इसका खामियाजा आम यात्री भुगत रहे हैं.
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम गजराज सिंह ने माना कि ट्रेनों के लेट चलने से यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. लगातार ट्रेनों के लेट चलने की शिकायत भी काफी मिल रही है, जिसको लेकर रेलवे के द्वारा यात्री ट्रेनों के समय अनुपालन पर विशेष रूप से ध्यान देने का निर्देश दिया जा रहा है. सीनियर डीसीएम ने कहा की आने वाले दिनों में ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को जल्द ही निजात मिल जाएगी.