इंडियन रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों में लगी आग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बड़ा खुलासा किया है. रेलवे की जांच में पाया गया है कि इन हादसों के पीछे बड़ी साजिश है और कई मामलों में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आई है. रेल प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है. हाल के दिनों में ट्रेनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.
इंडियन भारतीय रेलवे द्वारा की जांच से पता चला है कि इनमें से ज्यादातर घटनाएं खुद-ब-खुद नहीं हुई थीं, बल्कि इनके पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ था. रेलवे के मुताबिक, जानबूझकर आग लगाने की कोशिश की गई, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती थी.
रेल कर्मियों की तत्परता और वक्त पर की गई कार्रवाई की वजह से अमरपुरा और हावड़ा की घटनाओं में बड़े हादसे टल गए और यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
घटनाओं के चौंकाने वाले सबूत
जांच में सामने आए तथ्य बेहद चिंताजनक हैं. राजस्थान के अमरपुरा स्टेशन के पास किसी ने लिनेन (बिस्तर सामग्री) को जलाने की कोशिश की थी. वहीं, हावड़ा में आग लगने वाली ट्रेन के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद किया गया. कोटा राजधानी एक्सप्रेस में भी आग की शुरुआत बाथरूम से ही हुई थी. सासाराम की घटना में खाली ट्रेन में कोई बिजली का कनेक्शन या पावर जनरेटर मौजूद नहीं था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि किसी ने अंदर से जलती हुई वस्तु फेंकी थी. इन सबूतों ने साफ कर दिया है कि ये घटनाएं सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं.
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सुरक्षा पर रेलवे का कड़ा रुख
इंडियन रेलवे ने इन घटनाओं को नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला मानते हुए आरपीएफ को जांच के निर्देश दिए हैं. रेलवे सिक्योरिटी फोर्स संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है और ऐसी घटनाओं में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें. अगर किसी को भी ट्रेन के अंदर कोई संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें.