रेलवे स्टेशन पर हमेशा आपके लिखा देखा होगा, "रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं. स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें. गंदगी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी." इस तरह के बोर्ड को देखने के बाद भी कई लोग स्टेशन को गंदा करने कुड़ा फैलाने से बाज नहीं आते हैं. अब इस पर रेलवे ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है.
पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर यात्रियों को स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लेकर मुहिम चलाते हुए अप्रैल से नवंबर तक गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया. अभियान में कुल 6973 व्यक्तियों को स्टेशन से पकड़ा गया , इन लोगों पर 09 लाख 57 हजार 460 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए.
अकेले नवंबर महीने में पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मण्डलों में कुल 1471 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनसे 02 लाख 18 हजार 600 रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया. इसके अलावा जुर्माने के साथ-साथ ऐसे लोगों को ये शपथ भी दिलाई जाती है यानी समझाया जाता है कि वो अगली बार से स्टेशन को गंदा ना करें , साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है.
रेलवे स्टेशन पर समय समय जागरूकता अभियान के बारे में उद्घोषणा करता रहता है. इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने का अनुरोध किया जाता है. बार-बार समझाने के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्रवाई की जाती है.