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ब्रह्मोस से लैस सुखोई ने बंगाल की खाड़ी में साधा निशाना, वायुसेना का टेस्ट सफल

भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को ब्रह्मोस मिसाइलों का सुखोई लड़ाकू विमान (Su-30MKI) से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. Su-30MKI ने पंजाब एयरबेस से उड़ान भरी. उड़ान के दौरान ही उसमें एक दूसरे विमान से ईंधन भरा गया. इसके बाद Su-30MKI ने बंगाल की खाड़ी में ब्रह्मोस मिसाइल से एक जहाज पर निशाना साधकर यह परीक्षण सफल किया. 

 सुखोई लड़ाकू विमान (फाइल फोटो) सुखोई लड़ाकू विमान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ब्रह्मोस मिसाइलों का Su-30MKI से सफलतापूर्वक परीक्षण
  • Su-30MKI ने पंजाब एयरबेस से उड़ान भरी
  • भारतीय वायुसेना को मिली बड़ी सफलता

भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को ब्रह्मोस मिसाइलों का सुखोई लड़ाकू विमान (SU-30MKI) से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. Su-30MKI ने पंजाब एयरबेस से उड़ान भरी. उड़ान के दौरान ही उसमें एक दूसरे विमान से ईंधन भरा गया. इसके बाद Su-30MKI ने बंगाल की खाड़ी में ब्रह्मोस मिसाइल से एक जहाज पर निशाना साधकर यह परीक्षण सफल किया. 

यह मिसाइल का दूसरा ऐसा सफल परीक्षण है. SU-30MKI ने सुबह 9 बजे पंजाब के हलवारा एयरबेस से उड़ान भरी थी और दोपहर 1.30 बजे मध्य हवा में ईंधन भरने के बाद अपना निशाना बनाया. विमान ने कुल 3,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की. 

बता दें कि SU-30MKI यानी कि चौथी पीढ़ी के सुखोई विमानों की खुद की रेंज 1200 किलोमीटर है और इसमें लगी ब्रह्मोस मिसाइल की 300 किलोमीटर की अतिरिक्त रेंज है. इससे भारत अपने दुश्मन देश के समुद्री हिस्से के अंदर घुसकर हमला कर सकता है. सुखोई विमानों के इस स्क्वॉड्रन को टाइगर शार्क्स नाम दिया गया है. यह सुखोई का 12वां स्क्वॉड्रन है.

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ब्रह्मोस से लैस ये लड़ाकू विमान दुश्मन देश की किसी भी हरकत का जवाब देने में सक्षम होंगे. इतना ही नहीं, ब्रह्मोस किसी एयरक्राफ्ट कैरियर को भी पल भर में तबाह करने में सक्षम है.

 

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