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जापानी कंपनियों का केंद्र बना हरियाणा, सीएम सैनी ने दी 'स्मार्ट स्टेट' की परिभाषा

'इंडिया टुडे इंडो-जापान कॉन्क्लेव' के तीसरे संस्करण में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की. इस मंच से उन्होंने राज्य के विकास और जापानी निवेश के भविष्य का रोडमैप दुनिया के सामने रखा.

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क्या है हरियाणा का 'स्मार्ट स्टेट' मॉडल? (Photo- अतुल कुमार यादव, इंडिया टुडे)
क्या है हरियाणा का 'स्मार्ट स्टेट' मॉडल? (Photo- अतुल कुमार यादव, इंडिया टुडे)

दिल्ली  में आयोजित 'इंडिया टुडे इंडो-जापान कॉन्क्लेव' के तीसरे संस्करण में भारत और जापान के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का एक नया अध्याय देखने को मिला. इस कॉन्क्लेव में दोनों देशों के नीति-निर्माताओं, राजनयिकों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया.

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की प्रगति, जापानी निवेश और भविष्य के रोडमैप को दुनिया के सामने रखा. सैनी ने अपने संबोधन में वैश्विक व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आज के दौर में देश और राज्य केवल इंसेंटिव के दम पर निवेश आकर्षित नहीं कर सकते. अब प्रतिस्पर्धा सिर्फ इंसेंटिव पर नहीं, बल्कि ट्रस्ट, रिजिलियन्स और पार्टनरशिप पर हो रही है.

इस बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत और जापान के संबंध दुनिया की सबसे विश्वसनीय साझेदारी बनकर उभरे हैं. जापान जहां प्रिसिशन टेक्नोलॉजी, अनुशासन और लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट लेकर आता है, वहीं भारत स्केल, टैलेंट, ग्रोथ और एस्पिरेशन प्रदान करता है.

जापानी कंपनियों का सबसे बड़ा केंद्र बना हरियाणा

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा किस तरह जापानी संस्कृति को आत्मसात कर चुका है. वर्तमान में 394 से अधिक जापानी उद्योग और 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान हरियाणा में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं. देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में मात्र 1.3% की हिस्सेदारी होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय औसत से अधिक तेज गति से देश की जीडीपी में योगदान दे रहा है.

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सीएम सैनी ने 'स्मार्ट स्टेट' की एक नई परिभाषा साझा करते हुए कहा कि उनके लिए स्मार्ट स्टेट का मतलब सिर्फ टेक्नोलॉजी या डिजिटल डैशबोर्ड तक सीमित नहीं है.

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री से कुशल श्रम, भूमि अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स को लेकर सवाल पूछे गए, जिस पर उन्होंने सरकार की ठोस नीतियों को सामने रखा. उन्होंने कहा कि हरियाणा अब 'इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' से आगे बढ़कर 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' की ओर बढ़ रहा है. राज्य का सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम 140 से अधिक सेवाएं डिजिटल माध्यम से दे रहा है, जिससे अप्रूवल मिलने की समयसीमा 24 दिनों से घटकर मात्र 12 दिन रह गई है.

उन्होंने कहा कि हरियाणा का दो-तिहाई हिस्सा एनसीआर में आता है. राज्य का हर जिला एक्सप्रेसवे और हाईवे के माध्यम से दिल्ली से अधिकतम 4 घंटे की दूरी पर है. दिल्ली से जापान जाने में 8 घंटे लगते हैं, और हरियाणा के किसी भी कोने से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने में मात्र 3 से 4 घंटे लगते हैं. यह हमारी कनेक्टिविटी की ताकत है.'

राज्य में पहले से ही 64 इंडस्ट्रियल स्टेट और झज्जर (METL) में जापानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप सक्रिय हैं. अपनी पिछली जापान यात्रा का जिक्र करते हुए सीएम ने घोषणा की कि हरियाणा के नारायणगढ़ में एक नया जापानी क्लस्टर प्रस्तावित है. इसके अलावा, राज्य में 10 नई आईएमटी (IMT) बनाने पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके लिए भूमि खरीद की प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं.

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भविष्य की तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टर, एआई (AI), ईवी (EV), रोबोटिक्स और डेटा सेंटर्स पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और जापान का रिश्ता बेहद अटूट है. हरियाणा और जापानी निवेशकों का रिश्ता फिंगर टू नेल जैसा है, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता. हमारी संस्कृति और खान-पान भी आपस में मेल खाते हैं. मुझे खुद अपनी जापान यात्रा के दौरान वहां का भोजन बेहद पसंद आया. 

 

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