इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2023 के दूसरे और आखिरी दिन भारत के G-20 के शेरपा अमिताभ कांत (Amitabh Kant) ने कहा कि भारत की ग्रोथ रेट में दक्षिण भारत के राज्यों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है.
उन्होंने कहा कि अगले दो सालों में तमिलनाडु और कर्नाटक एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था वाले राज्य बन जाएंगे और प्रधानमंत्री मोदी के पांच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने में इन राज्यों का बहुत योगदान होगा.
नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि दो सालों में तमिलनाडु और कर्नाटक एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था वाले राज्य होंगे. भारत की ग्रोथ स्टोरी को आगे ले जाने में दक्षिण के राज्यों का बहुत बड़ा हाथ होगा.
उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में दक्षिण भारत की भागीदारी लगभग 30 फीसदी है. दक्षिण के राज्यों की प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों की तुलना में बहुत आगे है.तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्य कई सेक्टर्स में बहुत आगे हैं.
कांत ने कहा कि तमिलनाडु मैन्युफैक्चरिंग में सबसे आगे है. तेलंगाना में फार्मास्युटिकल्स सेक्टर चरम पर है. देश के लगभग 35 से 40 फीसदी फार्मा उत्पादों की पूर्ति तेलंगाना से ही होती है.
उन्होंने कहा कि केरल ट्रैवल और टूरिज्म में देश के अन्य राज्यों को बहुत पीछे छोड़ चुका है और खुद में ही एक ब्रांड बन चुका है. बीते ढाई दशकों से कर्नाटक का सर्विस सेक्टर उछाल पर है. आंध्र प्रदेश फार्मास्युटिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग इन दोनों क्षेत्रों में अग्रणी है. इन राज्यों ने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बहुत योगदान दिया है.
दक्षिण का हर राज्य को दूसरा सिंगापुर बने
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ में अमिताभ कांत ने कहा कि दक्षिण भारत के हर राज्य को दुनिया का दूसरा सिंगापुर बनने के लिए प्रतियोगिता करनी चाहिए. ना कि उन्हें देश के अन्य राज्यों से कंपीट करना चाहिए.
कांत ने कहा कि निवेश के लिहाज से देखें तो भारत के किसी भी राज्य के पास वह संसाधान नहीं है, जो केरल के पास है.
टूरिज्म में केरल से आगे हैं कर्नाटक और तमिलनाडु
कांत ने टूरिज्म को लेकर कहा कि पर्यटन एक ऐसा सेक्टर है, जो अलग तरह के सिद्धांतों पर काम करता है. बीते कई सालों में केरल ने इस सेक्टर में बेहतरीन काम किया है. यही वजह है कि दुनियाभर में टूरिज्म में केरल का एक खास मुकाम है. लेकिन कर्नाटक और तमिलनाडु ने भी पर्यटन में बेहतरीन काम किया है. ऐसा कोई कारण नहीं है, जिससे ये राज्य देश के टॉप टूरिस्ट स्थल न बन पाएं.
भारत की कंपनी अमेजन क्यों नहीं
भारत की कोई कंपनी अमेजन क्यों नहीं बन सकती. इस सवाल पर कांत ने कहा कि आगे आने वाले सालों में आप देखेंगे कि भारत में नए-नए स्टार्टअप की बाढ़ आ जाएगी. दक्षिण भारत से सबसे अधिक स्टार्टअप सामने आए हैं. ये यूनिकॉर्न मॉडल हैं, जो यकीनन वैश्विक प्लेटफॉर्म पर अलग पहचान बनाएंगे.
प्रधानमंत्री मोदी दूरदर्शी नेता हैं
हाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी दौरे पर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि वह सब कुछ जानते हैं. अगर उन्हें भगवान के साथ बैठा दें तो वो भगवान को भी समझाना शुरू कर देंगे कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है. इस बयान पर जब अमिताभ कांत से उनकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री के साथ करीब से काम किया है. वह दूरदर्शी नेता हैं. वह समय से आगे की सोचते हैं. वह विजनरी है. इसी वजह से मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं सफल हो पाईं. उनके नेतृत्व में भारत ने जो आठ साल में हासिल किया है, उस मुकाम तक पहुंचने में भारत को 50 साल लग जाते.