इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 के चौथे संस्करण में बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने शिरकत की. उन्होंने ''इकोनॉमिक एजेंडा: ग्रोथ वर्सेस पॉपुलरिज्म: द बंगाल मॉडल'' सेशन में बोलते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. अमित मित्रा ने कहा, 'लोग पॉपुलरिज्म की बात करते हैं. ममता सरकार जनता के साथ है, मैं ममता बनर्जी के साथ हूं और राज्य में लगातार विकास हो रहा है. बंगाल में 12 फीसदी के साथ ग्रोथ हुआ है, लेकिन बंगाल के विकास की चर्चा नहीं हो रही.'
उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना बकवास है. इसके जरिए सिर्फ प्रचार हो रहा है. इस योजना का 80 फीसदी पैसा विज्ञापन पर खर्च हो रहा है. बंगाल के वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी कन्या श्री प्रकल्प योजना उनकी योजना से ज्यादा प्रभावशाली है. बंगाल सरकार ने 9 हजार करोड़ रुपया इस योजना पर खर्च किया है. 80 लाख साइकिल स्कूली छात्राओं में बांटी गईं. इसका परिणाम भी देखने को मिल रहा है और बंगाल में स्कूल ड्राप आउट 3.3 फीसदी से 1.5 फीसदी तक आ गया है. इसी का नतीजा है कि बंगाल को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवार्ड भी मिले हैं.
बंगाल पर कर्ज की मात्रा के बारे में बात करते हुए अमित मित्रा ने कहा, 'FRBM उस सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात है जिसे आप उधार ले सकते हैं. कोरोनो वायरस महामारी से पहले यह 3 प्रतिशत था. हमने इसे हर साल 3 प्रतिशत से नीचे रखा. साथ ही उन्होंने कहा कि कर्ज के बारे में बात नहीं कर सकते क्योंकि नागालैंड का कर्ज और महाराष्ट्र का कर्ज तुलनीय नहीं है.'
अमित मित्रा से जब पूछा गया कि बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आरोप लगाया है कि बंगाल में सिंडिकेट राज चल रहा है. इस सवाल के जवाब में अमित्र मित्रा ने कहा कि मैं यहां किसी के आरोपों पर सफाई देने नहीं आया हूं बल्कि मैं यहां तथ्यों पर बात करने आया हूं फैक्ट रखने आया हूं.