नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. चुनाव को शांतिपूर्ण और भयमुक्त ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. इसी क्रम में भारत ने नेपाल सरकार को चुनाव कार्य में सहयोग के लिए कुल 610 वाहन उपलब्ध कराए हैं.
भारत ने की नेपाल की मदद
नेपाल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के माध्यम से यह सहायता प्रदान की गई. रविवार को बीरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय महावाणिज्य दूत देवी सहाय मीणा ने परसा के जिलाधिकारी भोला दाहाल को वाहनों की अंतिम किस्त सौंपी. दूतावास की ओर से बताया गया कि भारत सरकार ने चार चरणों में कुल 610 वाहनों का हस्तांतरण किया है. अंतिम चरण में 30 ट्रक नेपाल सरकार को दिए गए.
बताया गया कि यह सहयोग भारत और नेपाल के बीच पारंपरिक “बेटी-रोटी” संबंधों और दोस्ताना रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है. इन वाहनों का उपयोग चुनाव सामग्री के परिवहन, सुरक्षा बलों की आवाजाही और प्रशासनिक कार्यों में किया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके.
चुनाव में मदद के लिए दिए 610 वाहन
नेपाल में हालिया ‘जेन जी’ आंदोलन के बाद यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है. राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है, जबकि पुलिस प्रशासन और नेपाली सेना ने पूरे देश में गश्त बढ़ा दी है. अधिकारियों का कहना है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
चुनाव को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा को भी अस्थायी रूप से सील करने का निर्णय लिया गया है. 3 मार्च की सुबह से लेकर 5 मार्च की देर शाम तक सीमा पर आम नागरिकों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.4 मार्च को होली के मद्देनजर भी सीमा पर किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है.