मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तेज होते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है. कई देशों में हमले और जवाबी कार्रवाई जारी हैं, जिससे हालात जंग जैसे हो गए हैं. इसी बीच रॉयटर्स के हवाले से खबर है कि इजरायल के हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पकपूर की मौत हो गई है.
बताया गया है कि इन हमलों में ईरान के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया. घटनाक्रम ने मिडिल ईस्ट को गहरे संघर्ष की स्थिति में धकेल दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के लिए सुरक्षा खतरे को खत्म करेगी और ईरानियों को अपने शासकों को हटाने का अवसर देगी.
कश्मीर में विरोध प्रदर्शन
इस घटनाक्रम के बीच भारत के कश्मीर में शनिवार (28 फरवरी) को प्रदर्शनकारियों ने ईरान के समर्थन में प्रदर्शन किया. इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे.
प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के बड़े पोस्टर हाथ में लिए और 'डाउन विद इजरायल' तथा 'डाउन विद अमेरिका' जैसे नारे लगाए. एक प्रदर्शनकारी ने अपना नाम नहीं बताते हुए कहा कि रमजान के महीने में लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है.
ईरान की जवाबी कार्रवाई
प्रदर्शनकारी ने कहा, एक तरफ बातचीत चल रही थी और दूसरी तरफ हमला किया गया. यह मानवता के खिलाफ है. इस बयान के जरिए प्रदर्शनकारियों ने हमलों की निंदा की.
हमलों के जवाब में तेहरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं और इन हमलों को उकसावे के बिना किया गया तथा गैरकानूनी बताया. क्षेत्र में जारी इस टकराव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और हालात पर नजर रखी जा रही है.