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Exclusive: भारत ने LAC पर बढ़ाई चौकसी, लद्दाख में अब नेवी के कमांडो तैनात

लद्दाख में भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो की तैनाती से सर्दियों में एयरफोर्स और सेना के जवानों के साथ सुरक्षा बंदोबस्त में और मजबूती आएगी. सूत्रों ने बताया कि नौसेना के कमांडो को जल्द ही झील में संचालन के लिए नई नावें मिलने वाली हैं. इससे पैंगॉन्ग झील में सुरक्षाबलों के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.

पैंगॉन्ग झील में भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो तैनात (फाइल फोटो-PTI) पैंगॉन्ग झील में भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो तैनात (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वायुसेना और सेना के कमांडो पहले से तैनात
  • लद्दाख में अब नौसेना के कमांडो भेजे गए हैं
  • पैंगॉन्ग झील में सुरक्षा बंदोबस्तो हुआ मजबूत

भारत ने लद्दाख में चीन की सीमा से लगने वाले एरिया में सतर्कता बढ़ा दी है. सरकार ने पैंगॉन्ग में भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (MARCOS) को तैनात किया है. नौसेना के इन कमांडोज की तैनाती पिछले छह महीनों से अधिक समय से भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो और भारतीय सेना के विशेष बलों की तैनाती के बाद की गई है. 
 
सरकार के शीर्ष सूत्रों ने 'आजतक' को बताया कि भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो की तैनाती से सर्दियों में एयरफोर्स और सेना के जवानों के साथ सुरक्षा बंदोबस्त में और मजबूती आएगी. सूत्रों ने बताया कि नौसेना के कमांडो को जल्द ही झील में निगरानी के लिए नई नावें मिलने वाली हैं. इससे पैंगॉन्ग झील में सुरक्षाबलों के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.

एयरफोर्स और सेना की स्पेशल फोर्स पहले से तैनात

भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स जिनमें पैरा स्पेशल फोर्सेज और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट की स्पेशल फ्रंटियर फोर्स शामिल हैं, लंबे समय से स्पेशल ऑपरेशन के लिए पूर्वी लद्दाख में सक्रिय हैं. भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो को लाइन ऑफ एक्चुअल लाइन (एलएसी) से लगी ऊंची पहाड़ियों पर तैनात किया गया है. विशेष एयर डिफेंस सिस्टम के साथ गरुड़ कमांडो की इस तैनाती को रणनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जाता है क्योंकि दुश्मन इस इलाके में भारतीय एयर स्पेस के उल्लंघन की कोशिश कर सकता है. 

इस इलाके में सेना और वायुसेना से जुड़े स्पेशल स्पेशल फोर्सेज की तैनाती पिछले छह महीने से ज्यादा समय से की गई है. भारत के विशेष बलों ने एलएसी पर 29-30 अगस्त को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया था. चीन ने भी LAC पर अपनी तरफ स्पेशल फोर्सेज तैनात किए हुए हैं. 

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कश्मीर में होती रही है तैनाती

बहरहाल बता दें कि भारतीय नौसेना ने जम्मू-कश्मीर के वुलर लेक एरिया में आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए MARCOS की तैनात की है. वहीं भारतीय वायु सेना ने 2016 के पठानकोट ऑपरेशन के बाद कश्मीर घाटी में गरुड़ की तैनाती शुरू की थी. कश्मीर में स्पेशल फोर्सेज की तैनाती का प्लान तत्कालीन सेना प्रमुख और अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने तैयार किया था.

अपनी तैनाती के बाद गरुड़ के कमांडोज ने जज्बे का परिचय दिया और 26/11 हमले में शामिल रहे आतंकवादी जकी उर रहमान लखवी के भतीजे के नेतृत्व वाले आतंकी गुट को मार गिराया था. इसके लिए टीम ने एक अशोक चक्र, तीन शौर्य चक्र और कई अन्य वीरता पुरस्कार हासिल किए थे. 

इस ऑपरेशन के बाद भारतीय वायुसेना नियमित तौर पर कश्मीर घाटी में गरुड़ कमांडो़ज की तैनाती करता रहा है. आतंकवाद से निपटने के लिए कश्मीर घाटी में भारतीय सेना ने अपने कई स्पेशल फोर्सेज तैनात किए हैं. इसमें से ही एक टीम ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. 


 

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