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क्रोएशिया में भारतीय दूतावास पर हमला, MEA ने जताई कड़ी आपत्ति, 'वियना कन्वेंशन' का दिया हवाला

विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत ने इस मामले को नई दिल्ली और जाग्रेब दोनों जगहों पर क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल. (File Photo: X/@PIB)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल. (File Photo: X/@PIB)

भारत ने क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में स्थित अपने दूतावास परिसर में घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को कहा कि यह घटना भारत-विरोधी तत्वों द्वारा की गई है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य तथा निंदनीय बताया.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत ने इस मामले को नई दिल्ली और जाग्रेब दोनों जगहों पर क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है. साथ ही, भारत ने क्रोएशिया सरकार से मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें उनके निंदनीय और अवैध कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए.

MEA ने बयान में कहा, “हम जाग्रेब, क्रोएशिया में स्थित अपने दूतावास में भारत-विरोधी तत्वों द्वारा की गई घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना की कड़ी निंदा करते हैं.” मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत राजनयिक परिसरों की सुरक्षा संबंधित देश की जिम्मेदारी होती है.

विदेश मंत्रालय ने विएना कन्वेंशन का हवाला देते हुए कहा कि इसके तहत राजनयिक परिसर अवध्य (Inviolable) होते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश का दायित्व है. बयान में कहा गया, “विएना कन्वेंशन के अनुसार राजनयिक परिसरों की सुरक्षा अनिवार्य है और इन्हें हर तरह की घुसपैठ या नुकसान से बचाया जाना चाहिए.”

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भारत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसे कृत्य न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि उन तत्वों के चरित्र और मंशा को भी उजागर करते हैं जो इसके पीछे हैं. मंत्रालय ने कहा, “इस तरह की हरकतें उन लोगों की मानसिकता और उद्देश्यों को दर्शाती हैं जो इनके पीछे हैं, और दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस पर ध्यान देना चाहिए.”

हालांकि, अभी तक इस घटना में किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. भारत ने उम्मीद जताई है कि क्रोएशियाई अधिकारी मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.

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