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भारत और चीन के बीच 11वें सैन्य स्तर की बैठक 9 अप्रैल को संभव, शेष विवादों के समाधान पर चर्चा

भारत और चीन के बीच पिछले साल अप्रैल-मई से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कोर कमांडर लेवल की 10 बैठकें पहले ही हो चुकी हैं. अब शुक्रवार (9 अप्रैल) को 11वें दौर की सैन्य वार्ता आयोजित करने की संभावना है.

भारत और चीन के बीच बातचीत भारत और चीन के बीच बातचीत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिछली बैठक में सुलझ गया था पैंगोंग झील विवाद
  • बाकी सीमा विवादों के भी समाधान करने पर जोर
  • गोगरा हाइट्स और डेप्सांग के समाधान की उम्मीद

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच बने सीमा विवाद को हल करने को लेकर दोनों ही देशों के सैन्य स्तर की 11वें दौर की बैठक इस वीकंड पर हो सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह अहम बैठक 9 अप्रैल को बुलाई जा सकती है.

भारत और चीन के बीच पिछले साल अप्रैल-मई से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कोर कमांडर लेवल की 10 बैठकें पहले ही हो चुकी हैं. अब शुक्रवार (9 अप्रैल) को 11वें दौर की सैन्य वार्ता आयोजित करने की संभावना है.

सैन्य वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य गोगरा हाइट्स, CNC जंक्शन और डेप्सांग प्लेंस क्षेत्रों को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने पर होगा. भारतीय पक्ष की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि पीछे हटने को लेकर तभी सहमति बन सकेगी एक साथ निकासी समान होगी.

दोनों ही देश सैन्य कमांडर लेवल की 10वीं बातचीत की सफलता को दोहराना चाहते हैं. दोनों ही देश चाहते हैं कि जिस तरह फरवरी महीने में पैंगोंग लेक एरिया में दोनों देशों ने उस क्षेत्र का असैन्यीकरण किया, अपने-अपने सैनिकों को वापस विवाद से पहले वाली जगह बुलाया. उसी तरह शेष क्षेत्रों में बने सीमा विवाद को बातचीत से ही सुलझा लिया जाए.

इसी तर्ज पर भारत डेप्सांग प्लेंस एरिया पर विस्तार से बातचीत करना चाहता है जहां चीन ने 3 हजार से अधिक सैनिक और भारी सैन्य वाहन जमा रखा है. फरवरी में दोनों ही देशों ने पैंगोंग झील के आसपास से अपने सैनिक वापस बुला लिए थे. साथ ही वहां वैसी ही स्थिति सुनिश्चित कराई जो पिछले साल अप्रैल से पहले थी.

 

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