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इंडिया टुडे के इलेक्शन पार्टनर एक्सिस माई इंडिया पर हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में स्टडी

एक्सिस माई इंडिया पर हुई इस केस स्टडी को अब हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (HBS) के चुनावों पर क्लासरूम कोर्स का हिस्सा बनाया गया है. इसमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावों के बारे में सफल अनुमान लगाने से जुड़ी जटिलताओं, इस देश की सुस्पष्ट दिख रही विविधता को रेखांकित किया गया है

एक्सिस माई इंडिया के सीएमडी प्रदीप गुप्ता (फोटो क्रेडिट: बंदीप सिंह, ग्रुप फोटो एडिटर) एक्सिस माई इंडिया के सीएमडी प्रदीप गुप्ता (फोटो क्रेडिट: बंदीप सिंह, ग्रुप फोटो एडिटर)

अपने एक्जिट पोल विश्लेषण के लिए ख्यातिप्राप्त भारत की प्रमुख मार्केट रिसर्च कंपनी एक्सिस माई इंडिया (Axis My India) देश की ऐसी पहली कंज्यूमर डेटा इंटेलीजेंस फर्म हो गई है जिसे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पाठ्यक्रम में जगह मिली है. इस प्रतिष्ठि‍त बिजनेस स्कूल ने कंपनी के चुनाव पूर्वानुमान मॉडल पर केस स्टडी की है. बता दें कि एक्सिस माई इंडिया चुनाव के वक्त इंडिया टुडे के साथ मिलकर कई ऐसे सर्वे कर चुका है, जो बिल्कुल सटीक साबित हुए हैं. 

इस केस स्टडी को अब हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (HBS) के चुनावों पर क्लासरूम कोर्स का हिस्सा बनाया गया है. इसमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावों के बारे में सफल अनुमान लगाने से जुड़ी जटिलताओं, इस देश की सुस्पष्ट दिख रही विविधता को रेखांकित किया गया है, जिनमें अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्र, छह देशों के साथ साझा होने वाली सीमा, विशाल ग्रामीण जनसंख्या और पूरे देश में बोली जाने वाली 23 विभिन्न भाषाएं शामिल हैं. 

प्रोफेसर अनंत रमन, सीनियर एसोसिएट एन विनस्लो और रिसर्च एसोसिएट कैरवी डे द्वारा तैयार इस केस स्टडी में भारत में चुनावों के पूर्वानुमान की प्रक्रियाओं और इतने सटीक अनुमान के लिए AMI द्वारा इस्तेमाल किए गए मेथड की चर्चा की गई है. जैसे- फील्ड सर्वेयर्स का चुनाव, उनकी भर्ती एवं प्रशि‍क्षण, डेटा कलेक्शन के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, गुणवत्तापूर्ण ऑडिटिंग, डेटा विश्लेषण और अंतिम भविष्यवाणी. 

उपलब्धि पर प्रदीप गुप्ता ने क्या कहा?
इस उपलब्धि पर एक्सिस माई इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता ने कहा, “हमें इस बात की काफी खुशी है कि हार्वर्ड बिजनेस स्कूल जैसी विश्व विख्यात संस्था ने एक्सिस माई इंडिया के हमारे क्रिया-कलाप के बारे में एक केस स्टडी तैयार की है. चुनावी सर्वेक्षणों के मेथडोलॉजी के क्षेत्र में हम अगुआ संस्थाओं में से हैं और अभी तक हमारे 47 में से 43 चुनाव पूर्वानुमान बिल्कुल सही साबित हुए हैं. यह देश के कोने-कोने तक अपने फील्ड सर्वे के द्वारा पारखी समाधान पेश करने की हमारी विशेषता को दिखाता है. तकनीकी समाधान, मजबूत प्रक्रिया, गुणत्ता नियंत्रण और पूरी तरह से इनहाउस इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधन के निपुण इस्तेमाल ने हमारी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हम बिल्कुल सही परख के साथ अपने ग्राहकों को लगातार खुश रखने की कोशिश करते रहेंगे, जो कि देश की धड़कन और खासकर ग्रामीण समुदायों में हमारी पकड़ को दर्शाता है.” 

इस केस स्टडी के बारे में प्रोफेसर अनंत रमन (बिजनेस लॉजिस्टिक्स चेयर, ओपीएम, एचबीएस में यूपीएस फाउंडेशन प्रोफेसर) ने बताया, "यह केस स्टडी कई कामकाजी ब्योरे को दर्शाती है, जैसे सर्वेयर्स की ट्रेनिंग और उनकी भाषाई एवं सामाजिक-आर्थिक पहचान के आधार पर उन्हें देश में विभिन्न जगहों पर भेजना ताकि मतदाता की नब्ज को पहचाना जा सके. भारत जैसे जटिल देश में चुनावों का सटीक पूर्वानुमान लगा पाना काफी कठिन है. इस बारे में एएमआई का ट्रैक रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि कंपनी का प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और प्रोसेस बेहतरीन क्षमताओं का है. मुझे पूरा भरोसा है कि इस केस स्टडी के द्वारा श्री गुप्ता और एक्सिस माई इंडिया हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के बहुत से बिजनेस स्टूडेंट्स को प्रेरित करेंगे ताकि वे खुद की उद्यमिता की यात्रा शुरू कर सकें."

इस अवसर पर इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने कहा, "प्रदीप गुप्ता और एएमआई की टीम ने देश में एक्जिट पोल्स के बारे में धारणा ही बदल दी है, अपने जबरदस्त ट्रैक रिकॉर्ड और अग्रणी तकनीक के द्वारा, जिससे हर सीट पर हुए चुनाव का बारीक विश्लेषण हासिल होता है. मुझे इस टीम के काम को करीब से देखने का मौका मिला है. अपने शि‍ल्प के प्रति उनके समर्पण और बारीकियों पर ध्यान देने की वजह से उन्हें ऐसे नतीजे देने में मदद मिलती है जिसे अन्य एजेंसियों को भी अपनाना चाहिए. प्रदीप गुप्ता के काम से जुड़ी नैतिकता और पूरी तरह केंद्रित रहना उनके अलग तरह के लेकिन सटीक विश्लेषण का आधार है. यह केस स्टडी तो उन कई असाधारण उपलब्धियों की बस एक शुरुआत और सूचक है जो भविष्य में एएमआई टीम हासिल कर सकती है."

वहीं, प्रोफेसर रमन ने कहा कि जहां हमने हाल में ऐसे कई उदाहरण देखे हैं कि अनुभवी संगठनों को भी चुनावी नतीजों का अनुमान लगाने में काफी मुश्किल होती है, लेकिन यह केस दिखाता है कि किस तरह से एक्सिस माई इंडिया जैसे एक उद्यमी संगठन ने ऐसी प्रक्रिया ईजाद की जिससे नतीजों का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है. 

इस रिपोर्ट में ऐसे कई प्रमुख ब्योरे दिए गए हैं जिनकी वजह से एक्सिस माई इंडिया बाकी सभी एजेंसियों से अलग साबित होती है. जैसे- देश के कोने-कोने में पहुंच (700 से ज्यादा जिलों तक), राष्ट्रीय सर्वेक्षणों के लिए 5 लाख से ज्यादा लोगों का औसत सर्वे साइज, जीपीएस आधारित टैबलेट ताकि भौगोलिक पहुंच पुख्ता हो और साथ ही साथ कंप्यूटर की मदद से तैयार प्रश्नावलियां जो सोशल इंटेलीजेंस पर आधारित होती हैं ताकि डेटा ज्यादा से ज्यादा सटीक मिले. 

एक्सिस माई इंडिया अब एक नए मोड़ पर आ गया है. इसने अपने सर्विस पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए कॉरपोरेट ग्राहकों को उपभोक्ताओं का नजरिया देना शुरू किया है. इसमें मदद कर रहा है इसके एक बड़े, साहसिक अभि‍यान 'मिशन हिमालय - ऊंची उड़ान रोडमैप'  के तहत तैयार एक मजबूत डिजिटली रूप से सक्षम प्लेटफॉर्म. यह भारत के 25 करोड़ से ज्यादा परिवारों को जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान की एक सोच है. 

केस स्टडी के बारे में खास जानकारी 
इस केस स्टडी की प्रकाशन से पहले कंपनी द्वारा नियुक्त एक प्रतिनिधि ने समीक्षा की थी और मंजूरी दी थी. इस केस को तैयार करने के लिए फंडिंग हार्वर्ड बिजनेस स्कूल ने ही की थी, न कि कंपनी ने.  HBS के केस क्लास में चर्चा के लिए ही तैयार किए जाते हैं. इन केस का इरादा किसी का एंडोर्समेंट करना नहीं होता और न ही प्राथमिक डेटा के स्रोत के रूप में इस्तेमाल और किसी मैनेजेमेंट को सक्षम या अक्षम बताना है." 

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