पाक अधिकृत कश्मीर (POK) के मुजफ्फराबाद में आतंकी हमजा बुरहान की हत्या के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठनों में हडकंप मचा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, हमजा की मौत के बाद भी ISI कई घंटों तक उसे जिंदा बताने की कोशिश करती रही, ताकि उसके नेटवर्क और लॉन्चिंग पैड से जुड़े तमाम राज सुरक्षित किए जा सकें.
'आज तक' ने सबसे पहले देश को हमजा बुरहान के मारे जाने की खबर दी थी. हमजा बुरहान की हत्या ‘अज्ञात हमलावरों’ द्वारा की गई. घटना के तुरंत बाद आतंकी संगठनों के अंदर अफरा-तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि ISI ने आतंकी कैडर के बीच लगातार ऑडियो मैसेज चलवाए, जिनमें कहा गया कि हमजा जिंदा है और उसके लिए दुआ की जाए.
असल में ISI को डर था कि हमजा की मौत की खबर सामने आते ही उसके नेटवर्क से जुड़े कई आतंकी और ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) गायब हो सकते हैं. इसलिए एजेंसी पहले उसके सभी लॉन्चिंग पैड, संपर्क सूत्रों और आतंकी एसेट्स को सुरक्षित करना चाहती थी.
सूत्र बताते हैं कि हमजा बुरहान पीओके में कई आतंकी लॉन्चिंग पैड संचालित कर रहा था. उसका मुख्य काम आतंकियों की ट्रेनिंग, ब्रेनवॉशिंग और कश्मीर में लोकल नेटवर्क के जरिए आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था. वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था और घाटी में उसका मजबूत ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) नेटवर्क बताया जाता है.
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हमजा बेहद लो-प्रोफाइल तरीके से काम करता था. आतंकी हमलों की प्लानिंग और नेटवर्किंग उसके जरिए होती थी, लेकिन जिम्मेदारी अक्सर लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद जैसे दूसरे संगठनों के नाम पर ली जाती थी. इससे ISI और आतंकी संगठन भारतीय एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश करते थे.
हालांकि सूत्रों का दावा है कि पिछले तीन वर्षों में भारतीय एजेंसियों को हमजा और उसके नेटवर्क से जुड़े कई अहम इनपुट मिल चुके थे. उसके जरिए करवाए गए आतंकी हमलों, संपर्कों और मॉड्यूल की पूरी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों के पास पहुंच चुकी थी.
आखिरकार, जब ISI अपने स्तर पर नेटवर्क को सुरक्षित करने में जुट गई, तब आतंकी संगठनों को हमजा की मौत की पुष्टि करनी पड़ी. इसके बाद लश्कर, जैश और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े कई आतंकियों ने सोशल मीडिया और बंद समूहों में हमजा के साथ तस्वीरें साझा कर उसे श्रद्धांजलि दी.सूत्रों के मुताबिक, हमजा बुरहान ISI के लिए एक बेहद अहम मोहरा था. उसकी हत्या को पाकिस्तान समर्थित आतंकी ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
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सवाल उठता है कि ISI ने हमजा की मौत का सच क्यों छुपाया? दरअसल, मूल रूप से कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला हमजा बुरहान PoK में कई एक्टिव आतंकी लॉन्चिंग पैड्स चला रहा था, जहां नए आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग और उनका ब्रेन वॉश किया जाता था. पुलवामा में उसका एक बड़ा ओजीडब्ल्यू नेटवर्क था. ISI हमजा की मौत का आधिकारिक एलान करने से पहले उसके हर लॉन्चिंग पैड, वित्तीय लेन-देन और सुरक्षित ठिकानों को खुद अपने कब्जे में लेकर सेफ करना चाहती थी.