गोवा अग्निकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. अर्पोरा-नागोआ के अयोग्य घोषित सरपंच रोशन रेडकर ने गुरुवार सुबह मापुसा अतिरिक्त सत्र न्यायालय में सरेंडर कर दिया है. मापुसा कोर्ट में सरेंडर के बाद अंजुना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है. रेडकर पर पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के साथ मिलकर लूथरा ब्रदर्स को अवैध रूप से 'बिर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब चलाने में मदद करने का आरोप है.
हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद से वे लापता थे और गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था.
पुलिस जांच के मुताबिक, अवैधताओं और डिमोलिशन ऑर्डर की जानकारी होने के बावजूद रेडकर और बागकर ने क्लब के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. इसके उलट, उन्होंने क्लब को प्राथमिकता के आधार पर ट्रेड लाइसेंस जारी किए थे. इसी लापरवाही के चलते 6 दिसंबर को क्लब में लगी आग में 25 लोगों की जान चली गई थी.
अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पूर्व सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर ने नियमों की अनदेखी कर क्लब को संरक्षण दिया. क्लब के खिलाफ कई उल्लंघन और ध्वस्तीकरण के आदेश होने के बाद भी पंचायत स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, बल्कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर क्लब के संचालन में लूथरा भाइयों की मदद की, जिससे इतना बड़ा हादसा हुआ.
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हाई कोर्ट से झटका और पुलिस की घेराबंदी
हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने रेडकर पर दबाव बढ़ा दिया था. उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही थी और उनके देश छोड़ने की आशंका को देखते हुए लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था. आज सुबह मापुसा अतिरिक्त सत्र न्यायालय में उनके समर्पण के बाद अब पुलिस हिरासत में उनसे इस पूरे भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में पूछताछ की जाएगी.