पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गुरुवार सुबह सांस की परेशानी के चलते उन्हें मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉ. सत्यनारायण मैसूर उनका इलाज कर रहे हैं. अस्पताल के बयान के मुताबिक, 90 वर्षीय पूर्व पीएम को सांस की परेशानी के कारण भर्ती कराया गया है और वह सत्यनारायण मैसूर की देखरेख में हैं. उनकी मौजूदा हालत स्थिर है और विशेषज्ञों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है.
जानकारी के मुताबिक सी.एन. श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के पूर्व निदेशक और देवेगौड़ा के दामाद मंजूनाथ ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री को पिछले तीन दिनों से तेज बुखार और गंभीर खांसी थी. इसके साथ ही उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन भी है. पिछले तीन दिनों से घर पर ही एंटीबायोटिक्स और कफ सप्रेसेंट्स से उनका इलाज किया जा रहा था. उनकी हालत फिलहाल स्थिर है. चिंता की कोई बात नहीं है. वह संभवत: कुछ दिनों तक अस्पताल में रहेंगे और फिर उन्हें घर भेज दिया जाएगा.
देवेगौड़ा का सियासी सफर
देवेगौड़ा का सियासी सफर देवेगौड़ा का जन्म 18 मई 1933 के कर्नाटक के एक वोक्कालिगा परिवार हुआ, जो समुदाय ओबीसी वर्ग में आता है. उनके पिता डी. गौड़ा धान की खेती करते थे और मां का नाम देवाम्मा था. 50 के दशक में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद देवेगौड़ा की शादी चेन्नमा से हुई, जिनसे उनकी 6 संतान हैं. उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे हैं.
एचडी देवेगौड़ा के राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस के साथ हुई और वह 1953-62 तक कांग्रेस के सदस्य रहे. साल 1962 में वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर होलेनारासिपुरा सीट से पहली बार विधायक चुने गए. इसके बाद 1989 तक लगातार 6 बार देवेगौड़ा इसी सीट से विधानसभा चुनाव भी जीतते रहे. साल 1972-77 तक वह विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे और आपातकाल के दौरान 2 साल बेंगलुरु की जेल में कैद भी रहे.
एचडी देवेगौड़ा आपातकाल में इंदिरा गांधी के विरोध के बाद वह 2 बार कर्नाटक में जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे. उन्होंने साल 1983 से 1988 के बीच वह कर्नाटक की जनता पार्टी सरकार में मंत्री पद भी संभाला. इसके बाद 1994 में उन्हीं की अगुवाई में जनता दल ने कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की और उन्हें राज्य का 14वां मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था. एचडी देवगौड़ा ने एक जून 1996 को भारत के 11वें प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. वो इस पद पर 21 अप्रैल 1997 तक रहे.