भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रही देश की पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की तस्वीर सामने आ गई है. रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर देश की पहली प्रस्तावित बुलेट ट्रेन की तस्वीर (पोस्टर/मॉडल) प्रदर्शित की गई है, जो हर आने-जाने वाले व्यक्ति का ध्यान खींच रही है.
सूत्रों के मुताबिक, यह तस्वीर मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) परियोजना को दर्शाती है. 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा महज 2 घंटे में पूरी हो जाएगी. वर्तमान में यह दूरी तय करने में करीब 6-8 घंटे का समय लगता है. इस परियोजना को जापान की तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है.
बुलेट ट्रेन परियोजना की विशेषताएं
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर 12 स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती बनाए जा रहे हैं. बुलेट ट्रेन कई वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगी. इसमें भूकंप प्रतिरोधी डिजाइन और अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम होगा.
बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा था कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में खास पहल है. निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. सूरत, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे शहरों में वियाडक्ट, पुल और स्टेशन निर्माण की गति सराहनीय है. हाल ही में एक्टिव रेलवे ट्रैक के ऊपर भारी पोर्टल बीम्स लगाने का काम भी पूरा किया गया.
रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर लगाई गई यह तस्वीर न सिर्फ बुलेट ट्रेन की भव्यता को दर्शाती है, बल्कि आम जनता को इसके बारे में जागरूक करने का जरिया भी है. सोशल मीडिया पर बुलेट ट्रेन को युवा "न्यू इंडिया" का प्रतीक बता रहे हैं.
बता दें कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद में शिलान्यास के साथ बुलेट ट्रेन परियोजना की औपचारिक शुरुआत की थी. शुरू में 2023 में पूरा होने का लक्ष्य था, लेकिन कोविड महामारी और अन्य चुनौतियों के कारण समयसीमा बढ़ी है. वर्तमान में 2027-28 तक चलने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम कर रही है. कंपनी के अनुसार, टनल, ब्रिज और ट्रैक कार्य विभिन्न चरणों में पूरे हो रहे हैं. मुंबई में अंडरग्राउंड स्टेशन और समुद्र के नीचे टनल का काम भी प्रगति पर है.