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'विरोध का रास्ता छोड़कर बातचीत की राह पर आएं किसान', कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की अपील

किसान नेता राकेश टिकैत जगह-जगह घूमकर किसानों की महापंचायतें कर रहे हैं. किसान नेता सरकार पर बात न सुनने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, अब सरकार भी फिर से बातचीत के मूड में आती दिख रही है.

नरेंद्र सिंह तोमर (फाइल फोटोः इंडिया टुडे) नरेंद्र सिंह तोमर (फाइल फोटोः इंडिया टुडे)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ग्वालियर में नरेंद्र सिंह तोमर का बड़ा बयान
  • कहा- किसी भी मसले पर चर्चा को तैयार

केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए नए कृषि कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसान संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले धरने पर बैठे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत जगह-जगह घूमकर किसानों की महापंचायतें कर रहे हैं. किसान नेता सरकार पर बात न सुनने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, अब सरकार भी फिर से बातचीत के मूड में आती दिख रही है.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से विरोध प्रदर्शन का रास्ता छोड़कर बातचीत की राह अपनाने की अपील की है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ये बातें अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कहीं. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर पहुंचे हैं. तोमर ने अपने गृह क्षेत्र से किसानों को, किसान नेताओं को वार्ता का संदेश दे दिया है.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने साथ ही ये भी कहा है कि केंद्र सरकार किसानों की ओर से उठाए जाने वाले किसी भी मसले पर चर्चा के लिए तैयार है. गौरतलब है कि किसानों को दिल्ली की सीमा पर धरना देते 300 दिन से अधिक हो चुके हैं. किसान नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच 10 दौर की बातचीत भी हुई थी जो बेनतीजा रही थी. जनवरी महीने में किसानों और सरकार के बीच अंतिम दफे बातचीत हुई थी.

किसानों की ओर से 26 जनवरी के दिन दिल्ली में आहूत ट्रैक्टर परेड के दिन भड़की हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने भी सख्त रुख अपना लिया और बातचीत का सिलसिला थम गया. अब केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के इस बयान के बाद किसानों और सरकार के बीच जमी बर्फ पिघलने और बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है.

 

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