scorecardresearch
 

शाह से मिले हरियाणा के CM और डिप्टी सीएम, करनाल में हुआ था बवाल

नई दिल्ली. | 12 जनवरी 2021, 7:16 PM IST

केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीनों कृषि कानून के लागू होने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया, साथ ही अब इस मसले को सुलझाने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है. सरकार और किसानों के बीच लंबे वक्त से चल रही बातचीत का हल ना निकलने पर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लिया.

हाइलाइट्स

  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
  • कृषि कानूनों के अमल पर रोक
  • कमेटी दूर करेगी सभी चिंताएं
  • 50 दिन से जारी है किसान आंदोलन
7:16 PM (5 महीने पहले)

शाह से मिलने पहुंचे हरियाणा के CM

Posted by :- Varun Shailesh
6:10 PM (5 महीने पहले)

किसान नेता बोले- किसी समिति के सामने पेश नहीं होंगे

Posted by :- Varun Shailesh

भारतीय किसान यूनियन (आर) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हमने कल ही कहा था कि हम ऐसी किसी समिति के समक्ष उपस्थित नहीं होंगे. हमारा आंदोलन हमेशा की तरह आगे बढ़ेगा. इस समिति के सभी सदस्य सरकार समर्थक हैं और कृषि कानूनों को सही ठहरा रहे हैं. क्रांति किसान यूनियन के प्रमुख दर्शन पाल ने कहा कि हमने कल रात एक प्रेस नोट जारी किया था जिसमें कहा गया था कि हम मध्यस्थता के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित किसी भी समिति को स्वीकार नहीं करेंगे. हमें विश्वास था कि केंद्र को उनके कंधों से बोझ उठाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से एक समिति का गठन किया जाएगा.

5:45 PM (5 महीने पहले)

टिकैत के बाद कांग्रेस ने जताई आपत्ति

Posted by :- Varun Shailesh

सुप्रीम कोर्ट के आज के फ़ैसले पर कांग्रेस मीडिया इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो चिंता ज़ाहिर की उसका हम स्वागत करते हैं. लेकिन जो चार सदस्यीय कमेटी बनाई वो चौंकाने वाला है. ये चारों सदस्य पहले ही काले कानून के पक्ष में अपना मत दें चुके हैं. ये किसानों के साथ क्या न्याय कर पाएंगे ये सवाल है. ये चारों तो मोदी सरकार के साथ खड़े हैं. ये क्या न्याय करेंगे. एक ने लेख लिखा. एक ने मेमेरेंडम दिया. एक ने चिट्ठी लिखी. एक पेटिशनर है.

5:42 PM (5 महीने पहले)

अगले आदेश तक जारी रहेगी MSP-सुप्रीम कोर्ट

Posted by :- Varun Shailesh

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानून पारित होने से पहले जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) था वो अगले आदेश तक जारी रहेगा. कोर्ट ने गठित कमेटी से कहा कि वो दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंप दें. शीर्ष अदालत ने कहा कि समिति, सरकार के साथ-साथ किसान संगठनों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों को सुनने के बाद इस न्यायालय के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. रिपोर्ट में कमेटी की सिफारिशें होंगी. यह काम दो महीने में पूरा किया जाना है. पहली बैठक आज से दस दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी.

4:29 PM (5 महीने पहले)

कोर्ट के फैसले से किसान सहमत नहीं- टिकैत

Posted by :- Varun Shailesh

कोर्ट के फैसले पर किसान संगठनों ने असहमति जताई है. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसान कोर्ट के फैसले से निराश हैं. अशोक गुलाटी की अध्यक्षता में कमेटी ने सिफारिश की थी. गुलाटी ने ही कृषि कानूनों की सिफारिश की थी. राकेश टिकैत ने ट्वीट किया, माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के सभी सदस्य खुली बाजार व्यवस्था या कानून के समर्थक रहे है. अशोक गुलाटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने ही इन कानून को लाये जाने की सिफारिश की थी. देश का किसान इस फैसले से निराश है. राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांग कानून को रद्द करने व न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाने की है. जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर कल संयुक्त मोर्चा आगे की रणनीति की घोषणा करेगा.

3:55 PM (5 महीने पहले)

आंदोलन में किसानों का आना जारी

Posted by :- Varun Shailesh

रेलवे सेवा बाधित होने के बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों से किसानों का आना लगातार जारी है. संयुक्त किसान मोर्चा ने जारी बयान में कहा कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के किसान आ गए हैं, परसों केरल के किसान भी आ रहे हैं. किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन को बदनाम करने व दो-तीन राज्यों तक सीमित बताकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की निंदा की.
 

2:10 PM (5 महीने पहले)

फैसले पर क्या बोले राकेश टिकैत

Posted by :- Mohit Grover

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि जबतक कानून वापसी नहीं होगा, तबतक किसानों की घर वापसी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हम अपनी बात रखेंगे, जो दिक्कत हैं सब बता देंगे.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद अब अकाली दल ने अहम बैठक बुलाई है. जो आगे की रणनीति पर मंथन करेगी, बैठक में सुखबीर सिंह बादल भी शामिल होंगे.

1:38 PM (5 महीने पहले)

कृषि कानून के अमल पर रोक, कमेटी का गठन

Posted by :- Mohit Grover

केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीनों कृषि कानून के लागू होने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया, साथ ही अब इस मसले को सुलझाने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है. इस कमेटी में कुल चार लोग शामिल होंगे, जिनमें भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल घनवंत शामिल हैं.

1:23 PM (5 महीने पहले)

SC ने प्रतिबंधित संगठन पर मांगा हलफनामा

Posted by :- Mohit Grover

अटॉर्नी जनरल की ओर से कमेटी बनाने का स्वागत किया गया. इसपर हरीश साल्वे कहा कि सुप्रीम कोर्ट यह स्पष्ट कर सकता है कि ये किसी पक्ष के लिए जीत नहीं होगी, बल्कि कानून की प्रक्रिया के जरिए जांच का प्रयास ही होगा.

चीफ जस्टिस की ओर से इसपर कहा गया कि ये निष्पक्षता की जीत हो सकती है.


याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है, ऐसे में बड़ी जगह मिलनी चाहिए. वकील ने रामलीला मैदान का नाम सुझाया, तो अदालत ने पूछा कि क्या आपने इसके लिए अर्जी मांगी थी. 

अदालत ने किसान संगठनों को भी नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस से ट्रैक्टर रैली निकालने की परमिशन मांगी है. सुप्रीम कोर्ट में अब ये मामला सोमवार को सुना जाएगा.

चीफ जस्टिस की ओर से अटॉर्नी जनरल से कहा गया है कि वो प्रदर्शन में किसी भी बैन संगठन के शामिल होने को लेकर हलफनामा दायर करें.

1:00 PM (5 महीने पहले)

हम सस्पेंड भी कर सकते हैं कानून: SC

Posted by :- Mohit Grover

सांसद तिरुचि सीवा की ओर से जब वकील ने कानून रद्द करने की अपील की तो चीफ जस्टिस ने कहा कि हमें कहा गया है कि साउथ में कानून को समर्थन मिल रहा है. जिसपर वकील ने कहा कि दक्षिण में हर रोज इनके खिलाफ रैली हो रही हैं. चीफ जस्टिस ने कहा कि वो कानून सस्पेंड करने को तैयार हैं, लेकिन बिना किसी लक्ष्य के नहीं.


किसानों के एक वकील ने कहा कि इस तरह का मानना है कि कमेटी मध्यस्थ्ता करेगी. जिसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि कमेटी मध्यस्थ्ता नहीं करेगी, बल्कि मुद्दों का समाधान करेगी.

अदालत में हरीश साल्वे की ओर से कहा गया कि 26 जनवरी को कोई बड़ा कार्यक्रम ना हो, ये सुनिश्चित होना चाहिए. जिसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि दुष्यंत दवे की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि रैली-जुलूस नहीं होगा. हरीश साल्वे ने इसके अलावा सिख फॉर जस्टिस के प्रदर्शन में शामिल होने पर आपत्ति जताई और कहा कि ये संगठन खालिस्तान की मांग करता आया है. 

चीफ जस्टिस ने कहा कि वो ऐसा फैसला जारी कर सकते हैं जिससे कोई किसानों की जमीन ना ले सके.

12:45 PM (5 महीने पहले)

SC में सुनवाई शुरू, किसानों के वकील बोले- कानून वापस हो

Posted by :- Mohit Grover

सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन को लेकर सुनवाई शुरू हो गई है. अदालत में किसानों की ओर से ML शर्मा ने कहा कि किसान कमेटी के पक्ष में नहीं हैं, हम कानूनों की वापसी ही चाहते हैं.

एमएल शर्मा की ओर से अदालत में कहा गया कि आजतक पीएम उनसे मिलने नहीं आए हैं, हमारी जमीन बेच दी जाएंगी. जिसपर चीफ जस्टिस ने पूछा कि जमीन बिक जाएंगी ये कौन कह रहा है? वकील की ओर से बताया गया कि अगर हम कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट में जाएंगे और फसल क्वालिटी की पैदा नहीं हुई, तो कंपनी उनसे भरपाई मांगेगी.

चीफ जस्टिस की ओर से अदालत में कहा गया कि हमें बताया गया कि कुल 400 संगठन हैं, क्या आप सभी की ओर से हैं. हम चाहते हैं कि किसान कमेटी के पास जाएं, हम इस मुद्दे का हल चाहते हैं हमें ग्राउंड रिपोर्ट बताइए. कोई भी हमें कमेटी बनाने से नहीं रोक सकता है. हम इन कानूनों को सस्पेंड भी कर सकते हैं. जो कमेटी बनेगी, वो हमें रिपोर्ट देगी.

चीफ जस्टिस की ओर से कहा गया कि अगर समस्या का हल निकालना है, तो कमेटी के सामने जाना होगा. सरकार तो कानून लागू करना चाहती है, लेकिन आपको हटाना है. ऐसे में कमेटी के सामने चीजें स्पष्ट होंगी. चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान किसानों की मांग पर कहा कि पीएम को क्या करना चाहिए, वो तय नहीं कर सकते हैं. हमें लगता है कि कमेटी के जरिए रास्ता निकल सकता है.

11:44 AM (5 महीने पहले)

SC के फैसले का इंतजार: किसान नेता

Posted by :- Mohit Grover

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद हमारी कमेटी की बैठक होनी है. इसी बैठक में हम आगे का फैसला करेंगे और रणनीति बनाएंगे.

11:15 AM (5 महीने पहले)

राहुल का सरकार पर हमला

Posted by :- Mohit Grover

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक बार फिर सरकार को किसानों के मुद्दे पर घेरा. राहुल ने ट्वीट कर लिखा, ‘सरकार की सत्याग्रही किसानों को इधर-उधर की बातों में उलझाने की हर कोशिश बेकार है. अन्नदाता सरकार के इरादों को समझता है; उनकी माँग साफ़ है- कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो, बस!’ 

8:11 AM (5 महीने पहले)

केंद्र सरकार ने दिया हलफनामा

Posted by :- Mohit Grover

केंद्र ने फैसले से पहले कोर्ट में अपना हलफनामा दिया, जिसमें सफाई दी गई कि कानून बनने से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा की गई थी. सरकार ने कहा कि कानून जल्दबाजी में नहीं बने हैं  बल्कि ये तो दो दशकों के विचार-विमर्श का परिणाम है. 

हलफनामे में कहा गया कि देश के किसान खुश हैं क्योंकि उन्हें अपनी फसलें बेचने के लिए मौजूदा विकल्प के साथ एक अतिरिक्त विकल्प भी दिया गया है. इससे साफ है कि किसानों का कोई भी निहित अधिकार इन कानूनों के जरिए छीना नहीं जा रहा है. 

8:11 AM (5 महीने पहले)

अदालत पर हैं सभी की निगाहें

Posted by :- Mohit Grover

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सोमवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाई गई, साथ ही जिस तरह के किसान आंदोलन को सरकार ने संभाला उसपर नाराजगी व्यक्त की गई. ऐसे में अदालत ने कहा है कि अब वो ही इसका निर्णय करेंगे, इसीलिए बीते दिन कमेटी के लिए नामों को मांगा गया. जबतक कमेटी कोई निर्णय नहीं देगी, कानून लागू होने पर रोक लगी रहेगी.

किसानों ने हालांकि किसी कमेटी के सामने पेश होने से इनकार किया है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आज हर किसी की नज़र है.