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राष्ट्रपति से मिले गुलाम नबी आजाद, कहा- सेलेक्ट और स्टैंडिंग कमेटी को नहीं भेजे कृषि बिल

कृषि बिलों को लेकर विपक्ष के जरिए लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि किसान अपना खून-पसीना एक करके अनाज पैदा करते हैं. किसान हिंदुस्तान की रीढ़ की हड्डी हैं.

गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो- पीटीआई) गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृषि बिल को लेकर प्रदर्शन
  • राष्ट्रपति से मिले आजाद
  • विपक्ष का बिल को लेकर हंगामा

कृषि बिल को लेकर देश में काफी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. सड़क से लेकर संसद तक किसानों और विपक्षी दलों के जरिए विरोध किया जा रहा है. इस बीच कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचे. विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल की तरफ से गुलाम नबी आजाद राष्ट्रपति से मिले.

गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की है और कहा है कि सब राजनीतिक दलों से बात करके ही यह बिल लाना चाहिए था. दुर्भाग्य से ये बिल न सेलेक्ट कमेटी को भेजा गया और न ही स्टैंडिंग कमेटी को भेजा गया. पांच अलग-अलग प्रस्ताव दिए गए थे.

किसान बिलों को लेकर विपक्ष के जरिए लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि किसान अपना खून-पसीना एक करके अनाज पैदा करते हैं. किसान हिंदुस्तान की रीढ़ की हड्डी हैं. वहीं राष्ट्रपति से मिलकर बताया कि किस तरह से किसान बिल पास किए जाएं.

राज्यसभा के हंगामे पर बोले आजाद

इससे पहले राज्यसभा में ध्वनि मत से कृषि बिल पास होने को लेकर हंगामा हुआ था. जिस पर मंगलवार को राज्यसभा में गुलाब नबी आजाद ने कहा कि पिछले दिनों जो कुछ भी हुआ, मुझे नहीं लगता कि उससे कोई खुश है. गुलाम नबी ने कहा कि ये हमारा परिवार है और सभापति इस परिवार के मुखिया हैं. घर में भी झगड़े होते हैं. टाइम की कमी ही सौतन बन गई है. इसी कारण ये घटना हो गई.

 

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