बंगाल के शिक्षा भर्ती घोटाले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी नेता माणिक भट्टाचार्य को बड़ा झटका दिया है. उनकी सारी प्रॉपर्टी सीज करने का आदेश दिया गया है. असल में कोर्ट ने उन्हें इसी मामले में पांच लाख रुपये का जुर्माना देने को कहा था. लेकिन माणिक भट्टाचार्य ने वो जुर्माना नहीं चुकाया, ऐसे में अब ईडी को उनकी सारी प्रॉपर्टी कुर्क करने का आदेश दिया गया है. इस आदेश पर माणिक की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में टीआईटी उम्मीदवार साहिला परवीन ने अपनी ओएमआर शीट के लिए आवेदन किया था, उनकी तरफ से एक तय राशि भी दे दी गई थी. लेकिन सारी प्रक्रिया को फॉलो करने के बावजूद भी उन्हें उनकी ओएमआर शीट नहीं मिली थी. उस मामले में तब के प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. लेकिन उनकी तरफ से उस जुर्माने को नहीं भरा गया, ऐसे में इस साल 25 जनवरी को पांच लाख का अतिरिक्त जुर्माना और लगा दिया गया था. उन्हें दो हफ्तों के भीतर उस जुर्माने को भरना था. लेकिन माणिक भट्टाचार्य ने ऐसा किया नहीं और अब उनकी सारी प्रॉपर्टी सीज करने का आदेश दिया गया है.
इस मामले में माणिक भट्टाचार्य जेल में हैं. पहले उन्हें सीबीआई और फिर ईडी ने गिरफ्तार किया था. कोर्ट की तरफ से स्पष्ट कहा गया है कि परीक्षा परिणाम जानने का अधिकार सभी को है और कितने अंक मिले, ये भी बताया जाना चाहिए. अब क्योंकि माणिक भट्टाचार्य ने ऐसा नहीं किया, उन पर पहले जुर्माना लगा, जेल हुई और अब प्रॉपर्टी कुर्क करने का आदेश सुना दिया गया है.