जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. डोडा पुलिस ने मोस्ट वांटेड आतंकी सैफुल्ला बलोच को पकड़ने के लिए अपने प्रयास और तेज कर दिए हैं. सैफुल्ला, प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर बताया जा रहा है और माना जाता है कि वह डोडा–किश्तवाड़ के घने जंगलों में सक्रिय जैश कैडर का ऑपरेशनल चीफ है.
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सैफुल्ला बलोच पिछले दो से तीन वर्षों में सेना और आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड रहा है. सुरक्षा बलों को लंबे समय से उसकी तलाश है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाका और जंगलों का फायदा उठाकर वह अब तक बचता रहा है. डोडा पुलिस ने अब उसे पकड़ने के लिए एक नया कदम उठाया है. जिले के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें आम लोगों से सूचना देने की अपील की गई है.
पुलिस ने कहा है कि सैफुल्ला बलोच के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इनाम भी दिया जाएगा. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब चिनाब घाटी बेल्ट में सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर आतंक विरोधी अभियान चला रहे हैं. सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें जंगलों में सर्च ऑपरेशन, घेराबंदी और इलाके की सघन निगरानी कर रही हैं.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि स्थानीय सहयोग और लगातार दबिश डालकर सैफुल्ला बलोच जैसे आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ा जा सकता है. पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें. डोडा प्रशासन का कहना है कि इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी.