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Taukate के बाद उत्तर भारत में जमकर बरसात, क्या जल्दी मॉनसून का कारण बनेगा तूफान?

पश्चिमी राज्यों में अपना कहर दिखाने के बाद चक्रवाती तूफान Taukate का असर कम हो गया है. लेकिन तूफान के कमजोर होने के बाद इसका असर दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी दिखने लगा है. दिल्ली समेत एनसीआर के इलाके में बुधवार से ही बारिश हो रही है, जो लगातार जारी है.

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राजस्थान के अजमेर में बारिश का नज़ारा (PTI) राजस्थान के अजमेर में बारिश का नज़ारा (PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र-गुजरात में ताउते का असर हुआ कम
  • दिल्ली समेत उत्तर भारत में जमकर बरसात
  • तूफान के कारण जल्दी दस्तक दे सकता है मॉनसून!

महाराष्ट्र और गुजरात में अपना कहर दिखाने के बाद चक्रवाती तूफान Taukate का असर कम हो गया है. दोनों राज्यों में इस तूफान की वजह से तबाही हुई. लेकिन तूफान के कमजोर होने के बाद इसका असर दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी दिखने लगा है. दिल्ली समेत एनसीआर के इलाके में बुधवार से ही बारिश हो रही है, जो लगातार जारी है.

बारिश के कारण तापमान ने गोता लगाया है, ऐसे में अब चक्रवाती तूफान के कारण मॉनसून के जल्दी आने के आसार लग रहे हैं. 

दिल्ली-एनसीआर में जमकर बरसात, टूटे रिकॉर्ड
अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान ताउते पश्चिमी राज्यों में असर दिखाने के बाद उत्तर भारत पहुंचते हुए धीमा हुआ तो यहां बारिश होने लगी. बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक जारी रही. हालात ये हुए कि दिल्ली में बीते दिन अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री तक जा पहुंचा, जो मई 1951 के बाद मई में दिन में रिकॉर्ड हुआ सबसे कम अधिकतम तापमान है. 

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क्या लगातार बारिश के पीछे ताउते है कारण?
भारतीय मौसम विभाग ने भी इस बात की पुष्टि की है कि चक्रवाती तूफान ताउते के कारण ही दिल्ली, एनसीआर और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है. राजस्थान, यूपी, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में हुई बारिश के पीछे चक्रवाती तूफान ताउते और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का मेल खाना है, जिसकी वजह से लगातार बारिश हो रही है. 

ताउते का मॉनसून पर कैसा असर?
भारतीय मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि ताउते के कारण इस साल के मॉनसून पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. क्योंकि तूफान आने और मॉनसून के वक्त में कुछ अंतर है. ऐसे में इस साल भी केरल में मॉनसून 1 जून तक दस्तक दे सकता है, हालांकि ये 30 या 31 मई तक आने की भी संभावना है. लेकिन उत्तर भारत में जो अब बरसात हुई है, उसके पीछे प्री-मॉनसून और ताउते ही अहम कारण है.

मौसम विभाग के अनुसार, अगर ताउते तूफान मई के आखिरी दिनों में आता तो इसका मॉनसून पर बड़ा असर पड़ता. अगर 31 मई तक मॉनसून केरल में आता है, तो 8-10 जून के बीच में ये महाराष्ट्र के कोकण क्षेत्र तक दस्तक दे सकता है. 

ताउते से इतर बंगाल की खाड़ी में इस जल्द ही साइक्लोन यश आने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान के कारण बंगाल की खाड़ी की तरफ से आने वाले मॉनसून के बादल जल्द ही दस्तक दे सकते हैं. ऐसे में 21 मई के आस-पास यहां पर बारिश की शुरुआत हो सकती है. 

 

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