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मई के पहले हफ्ते से शांत होने लगेगी कोरोना की दूसरी लहर, IIT कानपुर के प्रोफेसर का दावा

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मानते हैं कि दिल्ली में अब कोरोना के मामले ज्यादा नहीं बढ़ेंगे. देश का आंकड़ा अधिकतम चार लाख तक जा सकता है. उत्तर प्रदेश का आंकड़ा 50 हजार तक जा सकता है, लेकिन इसके और बढ़ने की गुंजाइश नहीं है.

सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'जून महीने में लोगों को केस से काफी राहत होगी'
  • 'यूपी में 50 हजार से ज्यादा नहीं जाएगा आंकड़ा'
  • देश में कोरोना अब अपनी पीक पर: रिसर्च टीम

तो क्या उत्तर प्रदेश में कोरोना का पीक आ चुका है. एक तरफ आने वाले दिनों में और हालात भयावह होने की बात की जा रही है तो दूसरी तरफ अब एक्सपर्ट और कोरोना पर नजर रखने वाले लोग इस बात की ताकीद कर रहे हैं कि कोरोना का दूसरा वेव अब शांत पड़ने वाला है.

आईआईटी प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल और उनकी टीम के अध्ययन के मुताबिक देश में कोरोना अब अपनी पीक पर है.

देश में कोरोना के हालात भले ही भयावह हो लेकिन इस महामारी पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट की राय में अब भारत में कोविड-19 अपने पीक पर पहुंच गया है और मई के पहले हफ्ते से यह अपने ढलान पर आएगा.

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल जो कि सरकार की ओर से गठित कमेटी के सदस्य भी हैं, उनके और उनकी टीम की रिसर्च के मुताबिक महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस अपने पीक पर है और मई के पहले हफ्ते से इसमें गिरावट शुरू हो जाएगी और जून महीने में लोगों को काफी राहत होगी.

मामले के ज्यादा बढ़ने की गुंजाइश नहींः एक्सपर्ट

मनिंद्र अग्रवाल के मुताबिक दिल्ली में अब कोरोना के मामले ज्यादा नहीं बढ़ेंगे. देश का आंकड़ा अधिकतम चार लाख तक जा सकता है. उत्तर प्रदेश का आंकड़ा 50 हजार तक जा सकता है, लेकिन इसके और बढ़ने की गुंजाइश नहीं है.

मनिंद्र अग्रवाल के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चुनाव की वजह से थोड़े मामले बढ़ेंगे, लेकिन बहुत ज्यादा असर नहीं होगा. उत्तर प्रदेश में भी पंचायत चुनाव की वजह से गांव में मामले थोड़े बढ़ेंगे उसका ओवरऑल डाटा पर असर नहीं पड़ेगा.

आईआईटी के प्रोफेसर के मुताबिक महाराष्ट्र अपने पीक पर है, तो राजधानी दिल्ली भी अपने पीक पर है. इसी तरह उत्तर प्रदेश के कई शहर लखनऊ और वाराणसी भी अपने पीक पर हैं. बिहार में थोड़े मामले और बढ़ेंगे. राजस्थान और मध्य प्रदेश भी लगभग अपने पीक पर हैं. ऐसे में मई का पहला हफ्ता कोरोना वायरस के घटने की शुरुआत लेकर आएगा.


 

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