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संविधान दिवस: पारिवारिक पार्टियां देश के लिए चिंता का विषय- पीएम मोदी

कार्यक्रम में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने देश के संविधान और संवैधानिक मूल्यों की चर्चा की. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान का पूरे विश्व में सम्मान है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटोः एएनआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटोः एएनआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राष्ट्रहित सबसे ऊपर था, तभी बना संविधान- पीएम मोदी
  • मुंबई हमले का पीएम ने किया जिक्र, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

संविधान दिवस के मौके पर आज नई दिल्ली में सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किए हैं. संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत कर रहे हैं. संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से कांग्रेस समेत दर्जनभर से अधिक राजनीतिक दलों ने किनारा कर लिया है. 

पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर नमन किया. उन्होंने कहा कि इस संविधान दिवस को इसलिए भी मनाना चाहिए क्योंकि हमारा रास्ता सही है या नहीं है, इसका मूल्यांकन हो सके. हमारा संविधान सिर्फ अनेक धाराओं का संग्रह नहीं, हमारा संविधान सहस्त्रों वर्ष की महान परंपरा, अखंड धारा उस धारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है. पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रहित सबसे ऊपर था तभी संविधान का निर्माण हो पाया.

पीएम मोदी ने नाम लिए बगैर कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक समस्या है. पारिवारिक पार्टियां देश के लिए चिंता का विषय बन गई हैं. उन्होंने कहा कि पारिवारिक पार्टियों का मतलब ये नहीं है कि एक परिवार से ज्यादा लोग राजनीति में न आएं. पारिवारिक पार्टियों का मतलब है कि पार्टी की कमान पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही परिवार के लोगों के हाथ में रहने से है.

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में हमारे लिए आवश्यक है कि कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ें ताकि अधिकारों की रक्षा हो. महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में आधिकारों को लिए लड़ते हुए भी कर्तव्यों के लिए तैयार करने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर देश के आजाद होने के बाद कर्तव्य पर बल दिया गया होता. पीएम मोदी ने कहा कि संविधान की भावना को भी चोट पहुंची है. संविधान की एक-एक धारा को भी चोट पहुंची है जब राजनीतिक दल अपने आप में अपना लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो देते हैं. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि जो दल खुद लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों, वे लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं.

ये दिन इस सदन को प्रणाम करने का

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये कार्यक्रम किसी सरकार ने नहीं, किसी प्रधानमंत्री ने आयोजित नहीं किया था. ये कार्यक्रम लोकसभा के स्पीकर ने आयोजित किया जो सदन के गौरव होते हैं. उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर की 125वीं जयंती थी. हम सबको लगा इससे बड़ा पवित्र अवसर क्या हो सकता है कि बाबासाहेब आंबेडकर ने इस देश को जो नजराना दिया है, उसको हम हमेशा एक स्मृति ग्रंथ के रूप में याद करते हैं. ये दिन इस सदन को प्रणाम करने का है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज बापू, बाबासाहेब आंबेडकर, डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद जैसे दुरंदेशी महानुभावों को नमन करने का दिन है. आजादी के आंदोलन में अपनी जान गंवाने वालों को नमन करने का दिन है. उन्होंने 26/11 के मुंबई हमले को भी याद किया और कहा कि आज हमारे लिए एक ऐसा दुखद दिन भी है जब देश के दुश्मनों ने मुंबई में आतंकी घटना को अंजाम दिया. पीएम ने कहा कि देश के वीर जवानों ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया. आज उन बलिदानियों को भी नमन करता हूं.

कार्यक्रम में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने देश के संविधान और संवैधानिक मूल्यों की चर्चा की. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान का पूरे विश्व में सम्मान है. गौरतलब है कि कांग्रेस समेत दर्जनभर से अधिक देशों ने संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से किनारा कर लिया था.

 

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