DGGI ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन पर 497 करोड़ रुपए की टैक्स देनदारी पाई है. उससे करीब 207 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं. अब और 290 करोड़ रुपए चुकाने पड़ सकते हैं. इत्र व्यापारी पीयूष जैन के साथ कारोबार करने वाले ट्रांसपोर्टर और पान मसाला सप्लायर सहित अन्य लोगों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. डीजीजीआई की ओर से पीयूष की तीन फर्मों और उसके आठ निदेशकों और भागीदारों सहित छह फर्मों को नोटिस जारी किया गया है.
जल्द ही इनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है. पीयूष की तीनों फर्मों पर करीब 497 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी लगाई गई है. यह खुलासा डीजीजीआई के विशेष लोक अभियोजक अंबरीश टंडन ने किया.
अंबरीश ने बताया कि मेसर्स ओडोचम इंडस्ट्रीज, मेसर्स फ्लोरा नेचुरल, मेसर्स ओडोसंत इंक और इसके पार्टनर्स पीयूष कुमार जैन, अंबरीश कुमार जैन, महेश चंद्र जैन, मेसर्स त्रिमूर्ति फ्रेगरेंस प्रा. इसके निदेशक दीपक अग्रवाल के साथ नोटिस दिया गया है.
290 करोड़ रुपए चुकाने पड़ सकते हैं
जल्द ही इनके खिलाफ भी मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी. डीजीजीआई ने 497 करोड़ की देनदारी निकाली है. करीब 207 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं. इस लिहाज से पीयूष को 290 करोड़ रुपये और चुकाने पड़ सकते हैं.
मामले में 23 मई को सुनवाई
पीयूष के अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने कहा कि विशेष सीजेएम कोर्ट में अगली सुनवाई 23 मई को होगी. इसमें पीयूष जैन के खिलाफ डीजीजीआई द्वारा जीएसटी चोरी और डीआरआई में सोने की तस्करी के मामले में दर्ज मामलों में सुनवाई होगी.