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चंद्रयान-3 आने वाले 14 दिनों में क्या-क्या काम निपटाएगा?: दिन भर

चंद्रयान 3 अगले 14 दिन चांद पर क्या करेगा, ब्रिक्स समिट में आज का दिन भारत के लिए खास क्यों, बसपा के पोस्टर बॉय इमरान मसूद लखनऊ की पार्टी मीटिंग में क्यों नहीं पहुंचे, मिजोरम में रेलवे ब्रिज गिरा है, 17 लोगों की मौत हो गई है, हादसा कैसे हुआ, सुनिए 'दिन भर' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.

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14 जुलाई को लॉन्च हुआ चंद्रयान 3, चांद की सतह पर लैंड कर चुका है. सतह भी वो जहां आज तक किसी देश ने लैंड करने की कोशिश नहीं की.... चांद का साउथ पोल. आज तक सारे स्पेसक्राफ्ट चांद के इक्वेटर के करीब लैंड हुए थे.  

चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले, लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर यह तय हुआ कि क्या चांद पर लैंड करने का ये मुफीद समय है या नहीं. क्योंकि अगर फैक्टर तय पैमाने पर नहीं होते तो लैंडिंग 27 अगस्त के लिए टाल दी जाती. 

पहले जो चंद्रयान-3 अंतरिक्ष में 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रहा था. उसकी गति लैंडिंग कछुए की गति से भी कम कर दी गई. ताकि के समय क्रैश होने की संभावना न के बराबर रहे.  

आखिरी के 17 मिनट सबसे मुश्किल और चुनौती से भरे रहे. इन 17 मिनट में लैंडर ने खुद से काम किया. इस दौरान इसरो से कोई भी कमांड नहीं दी जा सकी.  इससे पहले देश भर में चंद्रयान 3 के लिए पूजा पाठ होता रहा.

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तो सबसे पहले बात चंद्रयान 3 के साउथ पोल पर लैंडिंग की. इसरो ने इस जगह को ही क्यों चुना, वज़ह क्या है इसकी, सुनिए 'दिन भर' में,

 

ब्रिक्स में मोदी की 5 बड़ी बातें

चंद्रयान 3 के बाद भारत में जिस ख़बर की चर्चा है वो है.... दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हो रहा ब्रिक्स सम्मेलन. समिट के दूसरे दिन आज ब्रिक्स के नेताओं का संबोधन था और तभी चीन ने कोल्ड वॉर की चर्चा छेड़ दी. कहा- हमें शांति बनाए रखनी पड़ेगी. कोल्ड वॉर अभी भी दुनिया की जियो-पॉलिटिकल सिचुएशन को प्रभावित कर रहा है.  

इसके बाद बोलने के बारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आई. उन्होंने ब्रिक्स की उपलब्धियां गिनाते हुए अपनी बात रखी... 

पीएम मोदी ने ब्रिक्स के विस्तार का स्वागत किया और कहा कि भारत दक्षिण के देशों को विशेष महत्व देने के कदम का स्वागत करता है. पीएम मोदी का यह बयान खास इसलिए है क्योंकि ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात सहित 40 से अधिक देश इस मंच से जुड़ने के इच्छुक हैं.  इन देशों का मानना है कि ब्रिक्स से जुड़ने पर उन्हें ना केवल आर्थिक लाभ मिलेंगे, बल्कि पश्चिम के अमीर देशों के वर्चस्व से मुकाबले में भी मदद मिलेगी. कल फोरम में चीन के प्रतिनिधि ने भी कहा था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स के विस्तार की बात कही है, जिससे इंटरनेशनल बॉर्डर को और मजबूत किया जा सके. 

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इससे पहले साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक हुई. हम इसपर भी आएँगे लेकिन सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर ही बात करते हैं. उनके आज के संबोधन की पांच इंपॉर्टेंट बातें कौन सी थीं. सुनिए 'दिन भर' में,

 

बसपा-कांग्रेस करीब आ रहे हैं?

4 दिसंबर, 1993. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए मुख्यमंत्री की शपथ का कार्यक्रम चल रहा था. मुख्यमंत्री के समर्थक नारे लगा रहे थे- मिल गए मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम. शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री का नाम था-मुलायम सिंह यादव. तब बसपा की बागडोर कांशीराम के हाथ में थी मगर दो साल बाद ही परिस्थिति बदली और उसी लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी की नई मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले रहीं थीं. 

इस कहानी को तीस साल होने वाले हैं. यूपी में सीना चौड़ा कर चलने वाली मायावती तस्वीर में नज़र नहीं आती. 2022 यूपी चुनाव में पार्टी ने केवल एक सीट जीती. 2017 में बीएसपी को 22 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे और 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. जबकि 2012 में बीएसपी ने 80 सीटें जीती थीं. मतलब पार्टी का ग्राफ लगातार नीचे आ रहा है.  

अब अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. इसी को लेकर आज लखनऊ में पार्टी की बैठक हुई. मायावती इसमें मौज़ूद थी मगर पार्टी के पोस्टर बॉय कहे जाने वाले इमरान मसूद मीटिंग का हिस्सा नहीं थे. कांग्रेस बसपा को लेकर इंटरेस्ट नज़र आ रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष से हटाकर, भूमिहार बिरादरी के अजय राय को अपना प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. कहा जा रहा है कि ये बीएसपी को सीधा संकेत है कि कांग्रेस बसपा से गठबंधन के लिए उत्सुक है क्योंकि बृजलाल खाबरी बसपा के दलित चेहरे रह चुके हैं और मायावती के खिलाफ मुखर भी रहे हैं. हालांकि मायावती कह चुकी हैं कि वो गठबंधन नहीं करने वाली लेकिन ख़बर हैं कि पार्टी के कई नेता बसपा छोड़ बीजेपी में जाने की तैयारी कर रहे हैं. लिहाज़ा मायावती पर गठबंधन का दबाव बन रहा है. इस पर भी हम बात करेंगे लेकिन सबसे पहले बात आज के मीटिंग की. क्या हुआ मीटिंग में, सुनिए 'दिन भर' में.,

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मिजोरम हादसे का दोषी कौन?

मिजोरम से आज एक दुखद ख़बर है,  रेलवे के अंडर कंस्ट्रक्शन पुल गिरने की वजह से 17 मज़दूरों की मौत हो गई.  राजधानी आइजोल से 20 किलोमीटर की दूरी पर सायरांग में ये हादसा हुआ. तब वहां लगभग 35 से 40 मज़दूर काम कर रहे थे. कुरुंग नदी के इस पुल को बनाया जा रहा था. जो वीडियो सोशल मीडिया पर है, उसमें देखा जा सकता है कि पुल में कुल चार पिलर हैं, तीसरे और चौथे पिलर के बीच का गर्डर टूटकर गिरा है. जिसकी ऊंचाई 104 मीटर है, यानी कुतुब मिनार से भी ज़्यादा. जब हम इस ख़बर के बारे में बात कर रहे हैं उस वक़्त भी रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है. क्या हो रहा है वहां, सुनिए 'दिन भर' में.

 

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