पश्चिम बंगाल में बिना किसी 'ठोस वजह' के कैब कैंसिल करने पर अब जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, किराए में भी कोलकाता की एसी टैक्सी के किराए से 50% से अधिक की वृद्धि नहीं हो सकती. दरअसल, बंगाल सरकार ने गुरुवार को इसे लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. सेंटर मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन 2020 के तहत ये गाइडलाइन जारी की गई है. इसे राज्य के पास 27 नवंबर 2020 को भेजा गया था. अब ये गाइडलाइन लागू की गई है.
पश्चिम बंगाल में अब से अगर कोई ड्राइवर कैब राइड एसेप्ट कर लेता है और मनमाने ढंग से उसे कैंसिल करता है, तो किराए का 10% का जुर्माना लगाया जा सकता है. लेकिन ये 100 रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
ग्राहक इसे ऐप में ड्रॉप-डाउन मेनू के जरिए देख सकेगा और इस राशि को भी जान सकेगा. इसके बाद उसके अकाउंट में ये पैसा एड हो जाएगा, इसका वह आगे की राइड में इस्तेमाल कर सकेगा. हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी और कार में टूटफूट की स्थिति को उचित वजहों में रखा गया है.
कैब बुक करने के बाद कैंसिल करने पर भी लगेगा जुर्माना
वहीं, कैब बुक करने वाले ग्राहक पर भी जुर्माना लगेगा, अगर वह 'वेट टाइम' से पहले राइड कैंसिल कर देता है. ऐसे में मामले में किराए का 10% जुर्माने के तौर पर देना होगा. यह कैब ड्राइवर और कंपनी के बीच में आधा आधा बांटा जाएगा.
मौजूदा समय में कोलकाता की कैब पहले 2 किमी तक न्यूनतम किराया 30 रुपये लेती है. इसके बाद हर 200 मीटर के लिए 3 रुपये लेती हैं. एसी कैब इससे 25% ज्यादा चार्ज करती हैं. राज्य इस पर 2% टैक्स वसूलता है.