किसानों के मुद्दे पर लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ हमलावर रहे बीजेपी सांसद वरुण गांधी अब MSP की गारंटी पर कानून पर प्राइवेट बिल लाने जा रहे हैं. वरुण गांधी ने ये बिल संसद को तो भेज दिया है, लेकिन इसे अभी पेश होना बाकी है. इस बिल के जरिए वरुण गांधी ने 22 फसलों पर दी जाने वाली MSP को कानूनी गारंटी देने की मांग की है.
गांधी के प्रस्तावित बिल के अनुसार, अगर किसी किसान को तय MSP से कम भुगतान किया जाता है तो उसे जितनी कीमत कम दी गई है, उतना मुआवजा दिया जाएगा. इसमें ये भी प्रस्ताव है कि लेन-देन के दो दिन के भीतर भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाना चाहिए.
बिल को लेकर वरुण गांधी ने ट्वीट भी किया है. उन्होंने लिखा, 'किसान और सरकार लंबे समय से कृषि संकट पर बहस कर रही हैं. अब एमएसपी पर कानून का समय आ गया है.'
India's farmers & her governments have long debated the agricultural crisis,in & out of commissions.The time has come for an MSP law.I’ve created & submitted to parliament what I believe to be an actionable piece of legislation.I welcome any critique of it.https://t.co/oUCRSNW0Te pic.twitter.com/BiX2AGoED4
— Varun Gandhi (@varungandhi80) December 12, 2021
पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी किसानों के मसले पर लगातार अपनी ही सरकार को घेरते रहे हैं. वरुण गांधी उन नेताओं में से थे, जिन्होंने लखीमपुर खीरी की हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ 'सख्त कार्रवाई' करने की मांग की थी. केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा लखीमपुर हिंसा में मुख्य आरोपी हैं.
ये भी पढ़ें-- आखिर कब तक सब्र करे भारत का नौजवान...वरुण गांधी ने फिर दिखाए तेवर
19 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान किया था. इसके अगले ही दिन वरुण गांधी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा था कि अगर ये फैसला पहले ले लिया जाता तो कई निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी.
वरुण गांधी का कहना है कि किसानों को MSP की गारंटी मिलती है तो इससे 9.3 करोड़ परिवारों को फायदा होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.
बता दें कि कोई भी सांसद में प्राइवेट मेंबर बिल ला सकता है, भले ही वो किसी भी पार्टी का हो. हालांकि, 1952 से अब तक दर्जनभर प्राइवेट बिल ही पास हुए हैं.