पूर्व केंद्रीय मंत्री और हाल ही में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामने वाले बाबुल सुप्रियो ने शुक्रवार को ट्विटर पर लेटर शेयर किया. सुप्रियो ने दावा किया कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर से मिलने के लिए समय की मांग की थी. बता दें कि पूरा विवाद तब शुरू हुआ था, जब लोकसभा सचिवालय ने स्पष्टीकरण जारी किया था कि इस्तीफा देने के लिए बाबुल सुप्रियो ने कभी भी सदन से संपर्क नहीं किया.
टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट किया, ''माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला के दफ्तर के सम्मान के साथ, मैं 20 सितंबर को भेजे गए आधिकारिक पत्र को विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करता हूं, जिसे माननीय महोदय के कार्यालय से प्राप्त भी किया गया था. इसके अलावा, श्री सौगत रॉय ने भी अलग से इसके लिए अनुरोध किया था.''
पूर्व बीजेपी नेता द्वारा 20 सितंबर को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि वह 22 या 23 सितंबर को लोकसभा अध्यक्ष से 'तत्काल मामले' के लिए समय मांग रहे हैं. लेटर पर प्राप्त करने का निशान भी था.
We can’t say why the stamp isn’t there but let me tell u that it isn’t courteous for anyone to ask for the High Office of Hon’ble Speaker to affix a stamp when someone (signature there) is receiving the letter mentioning date, time, place & PL No. (Plz check)
— Babul Supriyo (@SuPriyoBabul)
बता दें कि पिछले महीने पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबूल सुप्रियो ने बीजेपी छोड़ने के बाद टीएमसी ज्वाइन कर ली थी. उन्होंने कहा था कि मेसी बार्सिलोना को छोड़ना नहीं चाहते थे, उन्होंने दुखी मन से क्लब छोड़ा था. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि वह लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे देंगे और इसके लिए उन्होंने स्पीकर से मुलाकात का भी समय मांगा है.
जुलाई महीने में मोदी कैबिनेट विस्तार में बाबुल सुप्रियो को केंद्रीय मंत्री पद से हटा दिया गया था. इसके बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी. वहीं, कैबिनेट से हटाए जाने के सवाल पर सुप्रियो ने कहा था कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. मैं उसका सम्मान करता हूं. अब बीजेपी को मेरे द्वारा लिए गए निर्णय का सम्मान करना होगा.