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सिर फोड़ देना....जानें कौन हैं करनाल SDM आयुष सिन्हा, दिया था किसानों पर लाठीचार्ज का ऑर्डर

करनाल SDM आयुष सिन्हा ने विरोध कर रहे किसानों का सिर फोड़ने का फरमान सुना दिया था. अब उन्हीं आयुष सिन्हा की पूरी कुंडली बता देते हैं.

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'सिर फोड़ देना' कहने वाले आयुष सिन्हा की पूरी कुंडली
'सिर फोड़ देना' कहने वाले आयुष सिन्हा की पूरी कुंडली
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'सिर फोड़ देना' कहने वाले आयुष सिन्हा की पूरी कुंडली
  • 2017 के UPSC-2017 परीक्षा में 7वीं रैंक
  •  BITS गोवा से केमिकल इंजीनियरिंग की थी

शनिवार को हरियाणा के करनाल में किसानों पर जमकर लाठियां भांजी गई थीं. पुलिस ने कई किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था. घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें करनाल SDM आयुष सिन्हा ने विरोध कर रहे किसानों का सिर फोड़ने का फरमान सुना दिया. जानिए उन्हीं आयुष सिन्हा के बारे में सबकुछ.

कौन हैं 'सिर फोड़ देना' कहने वाले आयुष सिन्हा? 

SDM आयुष सिन्हा ने 2017 के UPSC-2017 परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में ये कमाल कर दिखाया था. वो पहली बार था जब आयुष सिन्हा सुर्खियों में आए थे और हर तरफ उनकी चर्चा थी. इससे पहले आयुष ने BITS गोवा से केमिकल इंजीनियरिंग भी कर रखी है. उनके पास बायोलॉजिकल साइंस में एक मास्टर डिग्री भी है. 

लेकिन आयुष का हमेशा से ही एक IAS बनने का सपना था. ऐसे में केमिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने अपनी राह बदल ली और UPSC परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए. उन्होंने अपने दूसरे प्रयास मे ं100वीं रैंक हासिल कर ली थी और उन्हें IRS के लिए सलेक्ट भी कर लिया गया था. लेकिन आयुष इतने से संतुष्ट नहीं थे. उन्हें तो खुद को बतौर सिर्फ IAS ही देखना था. ऐसे में उन्होंने कुछ समय के लिए नागपुर में IRS वाली ट्रेनिंग जरूर की, लेकिन बाद में एक ब्रेक लेकर फिर UPSC की तैयारी में जुट लिए.

फैमिली बैकग्राउंड कैसा है?

उन्हें उस तैयारी का पूरा फायदा मिला और उन्होंने साल 2017 में कमाल कर दिखाया. उन्होंने UPSC-2017 परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल कर ली और वे एक IAS अफसर बन लिए. वैसे आयुष सिन्हा का पूरा परिवार भी काफी पढ़ा-लिखा और सभी बड़े पद पर आसीन रहे हैं. आयुष के पिता पीके सिन्हा एक जमाने में वन अधिकारी रह चुके हैं, वहीं उनकी मां St Bede’s College में बतौर प्रोफेसर काम कर चुकी हैं. आयुष के एक अंकल भी हैं अतुल वर्मा जो हिमाचल में ADGP स्तर के अधिकारी हैं.

कौन सा पुराना पोस्ट वायरल?

सोशल मीडिया पर एक पुरानी पोस्ट भी खूब वायरल हो रही है जिसमें आयुष सिन्हा ने किसी को इंटरव्यू देते समय कहा था कि वे हमेशा से ही एक IAS ऑफिसर बनना चाहते थे. जब 15 साल पहले वे अपने पिता के साथ एक गांव गए थे, तब उन्होंने पाया कि उनके पिता की वजह से कई लोगों की जिंदगी वहां हमेशा के लिए बदल गई. उस समय आयुष के पिता वन अधिकारी थे. उसी पल से आयुष ने भी ऑफिसर बनने की ठान ली थी और समाज में सुधार लाने का प्रण लिया था. अब उसी पोस्ट को आधार बनाकर कई लोग आयुष पर अब वार कर रहे हैं. हर कोई उन्हें उनका 'सिर फोड़ देना' वाला बयान याद दिला रहा है.

पुलिस को क्या कहा था?

बता दें कि कल किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस को समझाते हुए SDM आयुष सिन्हा ने कहा था कि यह बहुत सिंपल और स्पष्ट है. कोई कहीं से हो, उसके आगे नहीं जाएगा. अगर जाता है तो लाठी से उसका सिर फोड़ देना. कोई निर्देश या डायरेक्शन की जरूरत नहीं है, उठा-उठा कर मारना.  हमें किसी भी तरह से सिक्योरिटी ब्रीच नहीं होने देंगे. हमारे पास पर्याप्त फोर्स है.

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