पश्चिमी असम के कोकराझार जिले में एक युवक की हत्या के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस घटना के बाद भड़की हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जिले के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है. मृतकों की पहचान सुनील मुर्मू और सिखना ज्वह्वलाओ बिस्मित के रूप में हुई है.
जानकारी के मुताबिक, सोमवार 19 जनवरी को गौर नगर इलाके में एक सड़क हादसे के बाद दो समूहों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. आरोप है कि उग्र भीड़ ने सिखना ज्वह्वलाओ बिस्मित की पीट-पीटकर हत्या कर दी. यह स्थान करीगांव पुलिस चौकी से महज 1 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. सिखना, स्थानीय ठेकेदार बरोंडा बसुमतारी के दामाद थे, जो क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े हैं.
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इस घटना के विरोध में भड़के प्रदर्शन के दौरान सुनील मुर्मू गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई. इसके बाद आक्रोश और भड़क उठा. गुस्साए लोगों ने करीगांव इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया.
हिंसा-आगजनी, दुकानों में तोड़फोड़
हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दो अस्थायी बिरसा कमांडो फोर्स कैंपों को आग के हवाले करने का आरोप है. इसके अलावा सिदु कान्हू भवन में तोड़फोड़ की गई और कई दुकानों को भी आग लगा दी गई. मौके पर एक स्कॉर्पियो वाहन को भी जला दिया गया. इस हिंसा में युगिराज ब्रह्मा और प्रभात ब्रह्मा समेत कई लोग घायल हुए हैं.
पुलिस ने 29 लोगों को हिरासत में लिया
स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए हैं. वरिष्ठ अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. पुलिस ने अब तक हत्या और हिंसा के मामलों में 29 लोगों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है.
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न्याय नहीं मिलने पर किया जाएगी बीटीसी बंद
इस बीच, ऑल बोड़ो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) ने चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो मंगलवार को बीटीसी बंद लागू किया जाएगा. प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब हालात को और बिगड़ने से रोकना है.