असम के गोलाघाट जिले के बोकाखाट के पानबाड़ी इलाके में पुलिस कैंप (शिविर) पर संदिग्ध ग्रेनेड विस्फोट का मामला सामने आया है. इस हमले में तीन पुलिसवाले घायल हो गए हैं. घायलों से अस्पताल में मंत्री अतुल बोरा ने मुलाक़ात की है.
क्या है पूरा मामला?
बोकाखाट उप जिला अंतर्गत सापजुरी पानबाड़ी स्थित एक पुलिस कैंप में आज रात हुए ग्रेनेड विस्फोट से समूचे अंचल में अफरातफरी मच गई. आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात हमलावरों ने एक चलती बाइक से इस ग्रेनेड को फेंक घटना को अंजाम दिया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों की पहचान सिद्धार्थ बोरबोरा, सुशील भूमिज और मिन्टू हाजरिका के रूप में हुई .
बताते चलें कि यह शिविर पूर्व में एक सीआरपीएफ का कैंप था. जिसे वर्तमान में असम पुलिस की बटालियन द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा है. घटना के बाद घायलों को तुरंत बोकाखाट के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वहीं इस ग्रेनेड विस्फोट की घटना के बाद से पूरे अंचल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और उप जिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में घटना की जांच एवं अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि इस घटना के पीछे कोई उग्रवादी षड्यंत्र हो सकती है.
असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह के अनुसार, सभी घायल पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं.
घायलों से मंत्री ने अस्पताल में की मुलाक़ात
घायल पुलिसकर्मियों को स्वहीद कमला मिरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. मंत्री अतुल बोरा ने अस्पताल में घायलों से मुलाक़ात कर उनका हाल-चाल जाना है.
उन्होंने डॉक्टरों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाक़ात की. उन्होंने बताया कि सभी पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं और बेहतरीन इलाज दिया जा रहा है.
मंत्री बोरा ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की घटना का समाज में कोई स्थान नहीं और ऐसा करके प्रदेश में शांति और सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है.
इनपुट: पूर्णा बिकाश बोरा