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Drugs Case: आर्यन की बेल पर सुनवाई के दौरान महात्मा गांधी का जिक्र, जानें क्या हुआ

सेशंस कोर्ट मे जमानत अर्जी पर जारी सुनवाई के दौरान आर्यन खान के वकील ने अपनी कई दलीलें रखीं. वकील अमित देसाई ने कहा कि आज के जनरेशन के बच्चों की भाषा, इंग्लिश हमसे काफी अलग है. उनकी बातचीत एजेंसी को संदेहजनक लग सकती है.

आर्यन बेल केस में महात्मा गांधी का जिक्र हुआ आर्यन बेल केस में महात्मा गांधी का जिक्र हुआ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आर्यन खान को सेशंस कोर्ट से आज भी जमानत नहीं मिली
  • अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को, तब आ सकता है फैसला
  • महात्मा गांधी ने ऐसी आजादी की जंग नहीं लड़ी थीः ASG

क्रूज शिप ड्रग्स केस में सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को आज गुरुवार को भी जमानत नहीं मिली. मुंबई सेशंस कोर्ट ने एनसीबी और आर्यन के वकील की दलीलें सुनने के बाद एक बार फिर फैसला सुरक्षित रख लिया. मामले की अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी. कोर्ट में बहस के दौरान महात्मा गांधी का जिक्र भी किया गया. 

ड्रग्स केस में फंसे शाहरुख के बेटे आर्यन खान को राहत नहीं मिली है. जज वीवी पाटिल ने गुरुवार को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले की अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी और माना जा रहा है कि तब उनकी जमानत पर फैसला सुना दिया जाए. हालांकि जज वीवी पाटिल ने आज सुनवाई के दौरान कहा कि वो 20 अक्टूबर को भी बिजी हैं. लेकिन वे कोशिश करेंगे कि उस दिन जमानत पर सुनवाई कर पाएं.

सुनवाई के दौरान एनसीबी की ओर से एएसजी अनिल सिंह ने आर्यन की जमानत का विरोध किया. कोर्ट के समक्ष सुनवाई के दौरान अनिल सिंह ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और ऐसे में बेल देना सही नहीं होगा. ड्रग्स नहीं मिलने पर भी धारा 37 लागू होती है. साजिश में सीधे सबूत मिलना जरुरी नहीं होता है. एनडीपीएस एक्ट के तहत ये संगीन जुर्म है.

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आरोपियों के युवा होने की दलील से इनकार

सुनवाई के दौरान महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए एएसजी अनिल सिंह ने कहा कि आरोपियों के युवा होने की दलील से इनकार करता हूं. आप हमारी भविष्य की पीढ़ी हैं. महात्मा गांधी ने ऐसी आजादी की जंग नहीं लड़ी थी.

जमानत अर्जी पर जारी सुनवाई के दौरान कोर्ट में आर्यन खान के वकील ने अपनी कई दलीलें रखीं. आर्यन के वकील अमित देसाई ने कहा कि आज के जनरेशन के बच्चों की भाषा, इंग्लिश हमसे काफी अलग है. उनकी बातचीत एजेंसी को संदेहजनक लग सकती है.

वकील देसाई ने सवाल किया, 'क्या ये लड़का आपको लगता है कि इंटरनेशनल ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल होगा? एजेंसी कहती है कि हम विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं. आप करिए अपनी जांच, लेकिन ये आरोप बिल्कुल ही गलत और बेबुनियाद हैं.'

उन्होंने कहा, 'ड्रग रेव पार्टी से जुड़े कोई मैसेज और चैट्स नहीं हैं. आर्यन लंबे समय से विदेश में थे. उन देशों में बहुत सी चीजें वैध होती हैं. मुझे नहीं पता कि ये किस तरह की चैट हैं. साजिश और अटकलों की संभावना मुझे इस मामले में पीछे नहीं रोक सकती.' उन्होंने कहा कि अपराध का अनुमान लगाना, सेक्शन 35 ट्रायल के समय लागू की जाती है जमानत के वक्त नहीं. कई सारी चीजों को दूसरी स्टेज पर देखा जाएगा, हालांकि मैं किसी को बरी करने के लिए नहीं, बेल के लिए कह रहा हूं.

 

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