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UP में 197 करोड़ तो बंगाल में 50 करोड़.... जब रेड में पकड़े गए 'धनकुबेर'

पश्चिम बंगाल की मॉडल और आरोपी अर्पिता मुखर्जी के ठिकाने से 50 करोड़ रुपये बरामद हो चुके हैं. गुलाबी और हरे नोटों को गिनकर एजेंसियां थक गई हैं, लेकिन यह पहला मौका नहीं, जब इतने बड़े पैमाने पर नोटों की बरामदगी हुई हो. आइए आपको इतिहास की सबसे बड़ी बरामदी के बारे में बताते हैं-

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अर्पिता मुखर्जी के घर से बरामद कैश
अर्पिता मुखर्जी के घर से बरामद कैश

गुलाबी और हरे नोटों का जखीरा इन दिनों पश्चिम बंगाल की नई लेडी कुबरे के पास से मिल रहा है. इस नई लेडी कुबेर का नाम अर्पिता मुखर्जी है, जो बंगाल सरकार की मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी है. अब तक अर्पिता के ठिकाने से 50 करोड़ रुपये बरामद हो चुके हैं. गुलाबी और हरे नोटों को गिनकर एजेंसियां थक गई हैं, लेकिन यह पहला मौका नहीं, जब इतने बड़े पैमाने पर नोटों की बरामदगी हुई हो. आपको कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन याद हैं न.

जी हां, वहीं पीयूष जैन जिसके घर से 50-100 नहीं कुल 197 करोड़ रुपये बरामद हुए थे. पिछले साल दिसंबर की बात है. सुबह-सुबह अहमदाबाद डीजीजीआई की टीम ने पीयूष जैन का दरवाजा खटखटाया था. टीम जीएसटी चोरी के मामले की जांच करने आई थी, लेकिन जब आलमारियां खोली गई तो डीजीजीआई टीम के होश उड़ गए. पूरी अलमारी 500 के हरे नोटों से भरी हुई थी. अधिकारियों ने तुरंत कानपुर आरबीआई को खबर दी और नोट गिनने वाली मशीन बुला ली.

इसके बाद शुरू हुई नोटों की गिनती. डीजीजीआई के अधिकारी-कर्मचारी के साथ आरबीआई के अफसर भी नोट गिनने के काम में जुट गए. करीब 48 घंटों की गिनती के बाद डीजीजीआई ने कैश की जो रकम बताई, उसने पूरे देश को चौंका दिया था. स्कूटर पर चलने वाले इत्र कारोबारी के घर से 197 करोड़ रुपये कैश मिले थे. इसके बाद पीयूष जैन के कन्नौज स्थित पैतृक आवास पर छापा पड़ा और वहां से कुछ कैश के साथ 23 किलो सोना मिला था.

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किसी छापेमारी के इतिहास की यह सबसे बड़ी बरामदगी थी. अधिकारियों का दावा था कि अगर सोने की कीमत और बरामद कैश को जोड़ लिया जाए तो रकम 257 करोड़ के पास पहुंचती है. इसके बाद अधिकारियों ने सारे कैश को आरबीआई के करेंसी चेस्ट में जमा करा दिया और पीयूष जैन को गिरफ्तार कर लिया. दिसंबर से ही पीयूष जैन जेल में हैं और मामला कोर्ट में चल रहा है. कल ही एक मामले में पीयूष जैन को जमानत मिली है.

अब बात करते हैं अर्पिता मुखर्जी की. बेलघरिया की पॉश सोसाइटी में अर्पिता के नए ठिकाने पर कल ईडी ने छापेमारी की. अर्पिता मुखर्जी के यहां दो-दो फ्लैट्स हैं. तीन दिन की खामोशी के बाद जब ईडी की टीम जब पश्चिम बंगाल की सबसे मशहूर हो चुकी मॉडल और आरोपी अर्पिता मुखर्जी के दूसरे ठिकाने पर पहुंची, उसे शायद अंदाज़ा था कि वहां भी कुछ मिलेगा, लेकिन वहां तो उम्मीद से भी कहीं ज़्यादा माल रखा हुआ था.

बेडरूम से लेकर किचन तक और ड्राइंग रूम से लेकर टॉयलेट तक. हर तरफ दौलत का दरिया बहता दिखाई दिया. रंगीन नोटों का ऐसा काला समंदर प्रवर्तन निदेशायल यानी ईडी के अफसरों से शायद इससे पहले कहीं और नहीं देखा था. 500 और 2000 रुपए के नोटों के ढेरों बंडल को एक कमरे में झोले और बैग में ठूंस-ठूंस कर रखा गया था. य़े अंबार पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी अर्पिता मुखर्जी के एक फ्लैट से बरामद हुआ है.

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नोट इतने थे कि गिनने-गिनते भोर हो गई. रात भर चली मशीनें भी थक गईं और आखिरकार जब गिनती थमी तो रजिस्टर में कैश के आगे 27 करोड़ का आंकड़ा दर्ज था. कल के छापे में नोट के अलावा पांच किलो से ज्यादा सोना भी बरामद हुआ है. काली कमाई का इतना माल सामने आ गया कि ले जाने के लिए ट्रक मंगवाने मंगवाने पड़े. अर्पिता के कोलकाता वाले फ्लैट से पहले 21 करोड़ नब्बे लाख मिला था. अब 27 करोड़ नब्बे लाख रुपये बरामद हुए.

अर्पिता के घर से अब तक 49 करोड़ 80 लाख के कैश की बरामदगी हो चुकी. ईडी ने अर्पिता के बेलघरिया टाउन क्लब में दो फ्लैट हैं, उनमें से एक फ्लैट सील कर दिया गया और उसे सील करने की वजह जिसने भी सुना वो अब हंस रहा है, क्योंकि नोटिस में अर्पिता पर 11,819 रुपए मैंटेनेंस नहीं चुकाने की वजह लिखी हुई थी. 

बंगाल टीचर भर्ती घोटाले पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के साथ उनके रिश्तेदारों पर ईडी की छापामारी जारी है. अब तक ईडी को अर्पिता के 5 ठिकानों का पता मिल चुका है. ईडी की टीम कोलकाता और उसके आसपास पांच जगहों, उत्तर 24 परगना के बेलघरिया और राजडांगा में बने अर्पिता के ऑफिस, रिश्तेदारों के घर और बाकी फ्लैट्स पर भी छापेमारी करने वाली है.

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