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कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छिपाने और कम केस रिपोर्ट का आरोप! सरकार ने उठाया ये कदम

हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भारत में कोविड के कारण होने वाली मौतों की गलत रिपोर्टिंग और दैनिक मौतों की संख्या में अचानक वृद्धि का आरोप लगाया गया था. 

कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप (पीटीआई) कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जिलेवार कोरोना केसों और मौतों की दैनिक आधार पर होगी निगरानी
  • बनाया जाएगा एक मजबूत रिपोर्टिंग तंत्र
  • मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप

कोरोना संकट के बीच मौतों के आंकड़े छिपाने और कम केसों को रिपोर्ट के आरोप सरकार पर लगे हैं. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियमित रूप से जिलेवार कोरोना केसों और मौतों की दैनिक आधार पर निगरानी के लिए एक मजबूत रिपोर्टिंग तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया है. राज्यों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार कोविड से होने वाली मौतों को रिपोर्ट करें. 

गौरतलब है कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भारत में कोविड के कारण होने वाली मौतों की गलत रिपोर्टिंग और दैनिक मौतों की संख्या में अचानक वृद्धि का आरोप लगाया गया था. 

जिसके बाद मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ही 10 जून 2021 को कुल 6148 मौतों की सूचना दी थी. मौतों में यह वृद्धि उस तारीख को बिहार सरकार द्वारा रिपोर्ट की गई 3971 मौतों के कारण हुई थी. 

मई 2020 की शुरुआत में, रिपोर्ट की जा रही मौतों की संख्या में विसंगति या भ्रम से बचने के लिए, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने राज्यों द्वारा मौतों की सही रिकॉर्डिंग के लिए दिशा निर्देश जारी किये. ICMR ने मृत्यु दर कोडिंग के लिए WHO द्वारा प्रमाणित ICD-10 कोड के अनुसार मौतों की रिकॉर्डिंग करने के लिए कहा है. 

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कई बार औपचारिक तरीके से, कई वीडियो कॉन्फ्रेंस और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार मौतों की रिकॉर्डिंग के लिए केंद्रीय टीमों की तैनाती के माध्यम से सलाह दी गई है. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोजाना जिलेवार कोरोना केसों और कोरोना से हुई मौतों की निगरानी के लिए एक मजबूत रिपोर्टिंग तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया. इस मामले में केंद्र सरकार ने बिहार राज्य को पत्र लिखकर कुल मौतों की संख्या का जिलावार ब्यौरा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देने को कहा है.

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