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Aishwarya Rai Bachchan को ED ने क्यों बुलाया? जानें क्या है पनामा पेपर्स से जुड़ा मामला?

ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) का नाम साल 2006 में पनामा पेपर्स लीक में आया था. इसी मामले में ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है.

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पनामा पेपर्स लीक में आया था ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम (फाइल फोटो) पनामा पेपर्स लीक में आया था ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऐश्वर्या राय से FEMA के मामले में पूछताछ होनी है
  • ऐश्वर्या ईडी के दिल्ली दफ्तर में पूछताछ में शामिल होने पहुंचीं

ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) को पनामा पेपर्स लीक (Panama Papers Leak) से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए बुलाया. ऐश्वर्या राय से फेमा (Foreign Exchange Management Act) के मामले में पूछताछ होनी है. पनामा पेपर्स लीक साल 2016 में सामने आया था, जिसमें राजनेता, बिजनेसमैन समेत कई फिल्मी सितारों के नाम थे. 

पनामा पेपर लीक मामले में एक कंपनी (Mossack Fonseca) के लीगल दस्तावेज लीक हुए थे. ये डेटा जर्मन न्यूजपेपर Süddeutsche Zeitung (SZ) ने Panama Papers नाम से 3 अप्रैल 2016 को रिलीज किया था. इसमें भारत समेत 200 देशों के राजनेता, बिजनेसमैन, सिलेब्रिटी के नाम शामिल थे, जिनपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. इसमें 1977 से 2015 के अंत तक की जानकारी दी गई थी.

क्या था मामला?

खुलासे के मुताबिक, ऐश्वर्या राय, उनके पिता कृष्णाराज राय, मां वृंदा राज राय और भाई आदित्य राय साल मई 2005 में British Virgin Islands में Amic Partners Limited नाम की कंपनी के डायरेक्टर बने. फिर राय को कंपनी के बोर्ड ने जून 2005 में सिर्फ शेयरहोल्डर दिखाया. फिर जुलाई 2005 में शेयरहोल्डर Ashwaria Rai के नाम को सिर्फ A Rai कर दिया गया. ऐसा निजता का हवाला देकर किया गया था. फिर जब राय की अभिषेक बच्चन से शादी हुई तब से कंपनी को समेटा जाने लगा.

कागजातों में कंपनी के बंद होने की तारीखों पर भी सवाल था. कहीं रजिस्ट्री के खत्म होने की तारीख अप्रैल 2009 थी, वहीं दूसरे कागजातों में यह अप्रैल 2016 थी. खुलासे के वक्त ऐश्वर्या की मीडिया सलाहकार अर्चना सदानंद ने सामने आई सारी जानकारी को गलत और झूठा करार दिया था.

बता दें कि इस मामले में हाल ही में ईडी ने अभिषेक बच्चन को भी समन किया था. ऐश्वर्या राय बच्चन को दो बार पहले भी बुलाया गया था, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने नोटिस को स्थगित करने की गुजारिश की थी. ये गुजारिश पनामा पेपर्स लीक की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के समक्ष की गई थी. मामले की जांच कर रही SIT में ईडी, इनकम टैक्स और दूसरी एजेंसी शामिल हैं.

साल 2016 में पेपर लीक के बाद से ईडी इसकी जांच में जुटी है. पनामा लीक से जुड़ी 20 हजार करोड़ की अघोषित संपत्ति का भी एजेंसी को पता चला है.

 

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