एआई समिट में प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शुरुआत में काले छाते पर प्रिंटेड स्टिकर लगाकर मंडपम परिसर में घुसने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्हें आशंका हुई कि गेट पर सुरक्षा जांच के दौरान काले छाते पकड़े जा सकते हैं. इसके बाद आरोपियों ने अपना प्लान बदलते हुए टी-शर्ट पर प्रिंटेड स्टिकर लगवाने का फैसला किया. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये स्टिकर कहां प्रिंट कराए गए थे और इस पूरी साजिश में कौन-कौन शामिल था.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शुक्रवार को राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विरोध दर्ज कराया और एआई समिट में हुए प्रदर्शन को लेकर अपनी नाराजगी जताई.
पटियाला हाउस कोर्ट में होगी पेशी
एआई समिट प्रदर्शन मामले में दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और सभी को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस के मुताबिक एफआईआर में कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं और गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई भी की. मामले में बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस लार्जर कॉन्सपिरेसी के एंगल से भी जांच कर रही है.
कांग्रेस मुख्यालय पर कल प्रदर्शन करेगी बीजेपी
दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है. सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में घुसे प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.
घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार सुबह 10 बजे कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन सड़क स्तर का नहीं बल्कि राहुल गांधी के आवास पर योजना बनाकर किया गया.
'देश की छवि खराब करने की साजिश'
वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसे देश की छवि खराब करने की साजिश बताया. तो मनोज झा ने कहा कि देश में गुस्सा जरूर है, लेकिन ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन करना उचित विकल्प नहीं था.