'आजतक रेडियो' के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में आज हम चर्चा करेंगे पाकिस्तान में बढ़ रहे आर्थिक संकट की. चर्चा करेंगे कि सऊदी अरब पाकिस्तान की मदद क्यों कर रहा है? साथ ही चर्चा होगी क्या बिहार में कांग्रेस और राजद सुलह की ओर बढ़ रही है? इसके अलावा अग्नि-5 मिसाइल की खासियतों पर भी हम चर्चा करेंगे.
आजतक रेडियो पर हम रोज़ लाते हैं देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’, जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की ख़बरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अख़बारों की सुर्ख़ियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब किताब. आगे लिंक भी देंगे लेकिन पहले जान लीजिए कि आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन ख़बरों पर बात कर रहे हैं.
1. सऊदी अरब क्यों कर रहा पाक की मदद?
पाकिस्तान बड़े स्तर पर आर्थिक मदद लेता रहा है, ये नई बात नहीं है और उसकी मदद तमाम पश्चिम के मुल्क करते रहे हैं, बड़े-बड़े इदारे भी. ऐसे में पाकिस्तान के मौजूदा इकोनॉमिक क्राइसिस के बीच सऊदी अरब ने मदद का हाथ बढ़ाया है. सऊदी अरब जो किसी मोर्चे पर भारत को साधता नज़र आता है तो कहीं पाकिस्तान को. जैसे भले ही यूनाइटेड नेशन सेक्युरिटी काउंसिल में सऊदी अरब ने कश्मीर मुद्दे को लेकर कोई खास प्रतिक्रिया ना दी हो लेकिन आर्थिक तौर पर सऊदी अरब लगातार पाकिस्तान को मदद मुहैया कराता रहा है.
पाकिस्तान जहाँ पिछले कुछ समय से महंगाई की मार है तो पाकिस्तानी रुपये की कीमत भी डॉलर के सामने पतली हुई है. इस समय एक अमेरिकी डॉलर 175 पाकिस्तानी रुपए का है. पिछले चार महीनों में एक डॉलर की कीमत में 20 पाकिस्तानी रूपए से ज्यादा का इजाफा हो चुका है जो कि पाकिस्तान के लिए बहुत चिंता का सबब है क्योंकि पाकिस्तान लगातार फॉरेन एक्सचेंज यानी विदेशी मुद्रा के संकट में फँसता चला जा रहा है. इस माहौल में, सऊदी अरब ने पाकिस्तान के स्टेट बैंक में तीन अरब डॉलर्र जमा कराने की घोषणा की है. इसके अलावा सऊदी अरब पाकिस्तान को सालाना 1.2 अरब डॉलर्स के मूल्य का तेल भी उपलब्ध कराएगा. सऊदी के इस प्रेम के क्या मायने हैं इसपर आएंगे लेकिन पहले ये बात कि पाकिस्तान में क्यों फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व यानी विदेशी मुद्रा भंडार का संकट हो गया है और क्या ये अचानक से अराइज हुआ या पहले से ऐसी स्थिति थी? दूसरी तरफ सऊदी अरब और अमेरिका हर दृष्टिकोण से काफ़ी नज़दीक हैं. ऐसे में अमरीका का दोस्त होते हुए सऊदी अरब का पाकिस्तान को मदद करना क्या साधने की कोशिश है?
2. बिहार में कांग्रेस-राजद में हो रही सुलह?
बिहार में महागठबंधन जो एक समय बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चट्टान था, उसके दरकने की ख़बरें पिछले कुछ दिनों में लगातार अखबारों की सुर्खियाँ बनीं. कांग्रेस और राजद में, उपचुनाव में सीट बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इतने बड़े स्तर पर आ पहुंचा कि दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे के सामने विपक्षी पार्टियों की तरह आ गए, कहा जा रहा था कि तेजस्वी की लीडरशिप, लालू यादव के न होने की वजह से कांग्रेस के प्रति उदासीन हो गई है, मानो मोहभंग हो गया हो जैसे लेकिन दो दिन पहले पटना पहुंचे लालू ने भी स्पष्ट कर दिया कि वो कांग्रेस से उपचुनाव में लड़ने को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे. लालू के उसी बयान में कुछ आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग ने कांग्रेस को राजद के ख़िलाफ और हमलावर कर दिया.
राजद और कांग्रेस के इन्हीं एक दूसरे पर हमलों के बीच कल ख़बर आई थी कि सोनिया गांधी ने लालू यादव से फोन पर बात की, पर मामला श्योरिटी तक नहीं पहुंच पाया. फिर देर रात बिहार कांग्रेस अध्यक्ष भक्तचरण दास ने इस बातचीत के होने से ही इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि ये आरजेडी का प्रोपेगेंडा है, सोनिया की लालू से कोई बात नहीं हुई है.अब एक धड़ा सोनिया और लालू की इस बातचीत की पुष्टि कर रहा है, दूसरा धड़ा इनकार. ऐसे में, सवाल ये है कि क्या वाकई सोनिया लालू में फोन पर बातचीत हुई भी या नहीं? क्या ये माना जाए कि कांग्रेस- राजद के बीच के जिले-शिकवे दूर हो रहे हैं और क्या बिगड़ती बात सम्भल जाएगी?
3. अग्नि-5 मिसाइल की खासियत क्या?
बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का कल शाम सफल परीक्षण किया गया. इस मिसाइल को एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्च किया गया. इस मिसाइल के बारे में कहा जाता रहा है कि ये सेना को कई स्तरों पर मजबूत करेगी. भारतीय मिसाइल अग्नि 5 हर लिहाज से खास है. एक ऐसी मिसाइल जिसके प्रक्षेपण के बाद भारत उन एलीट देशों की लिस्ट मे शामिल हो गया, जिनके पास न्यूक्लियर हथियारों से लैस इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है. इससे पहले भारत जून में अग्नि प्राइम का भी टेस्ट कर चुका है और फिलहाल अग्नि 6 पर भी काम जारी है. बहरहाल, कल शाम अग्नि 5 का सफल परीक्षण तो हुआ और इस बारें में क्या डिटेल्स डीआरडीओ ने उपलब्ध कराए हैं? क्या कुछ नया होगा इसमें और किस तरह के टारगेट को साधा जा सकता है इससे?