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आज का दिन: क्या गोरखपुर-पूर्वांचल से बाहर योगी बीजेपी के लिए सीट निकाल पाएंगे?

योगी आदित्यनाथ जो इस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, 2017 में जब वो मुख्यमंत्री बने थे, तब वो गोरखपुर के सांसद थे, फिर इस्तीफ़ा देकर विधान परिषद के रास्ते मुख्यमंत्री बने, लेकिन इस बार उनके पास चुनाव लड़कर विधायक बनने का पूरा समय है. कुछ दिन पहले कयास लगाए जा रहे थे कि योगी इस बार भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. सुनिए आजतक रेडियो पर...

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सीएम योगी आदित्यनाथ.  (File)
सीएम योगी आदित्यनाथ. (File)

महाराष्ट्र में कल कोरोना के 11,877 नए मामले आए. इनमे से ओमिक्रॉन के 50 मरीज हैं. पिछले 24 घंटे के भीतर वहां 9 मौतें भी हुईं. उधर कोविड के प्रकोप के चलते हरियाणा राज्य में 3 से 12 जनवरी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट बंद कर दिए गए हैं. पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी पाबंदियों को बढ़ाया गया है.

कल देश में कोविड के लिए स्वास्थ्य तैयारियों और वैक्सीनेशन प्रोग्राम की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने एक मीटिंग की, जिसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव और मुख्य सचिव शामिल थे. बैठक ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों और 15-18 साल के किशोरों के लिए टीकाकरण शुरू करने और बूस्टर डोज़ के मद्देनजर थी.

राजधानी दिल्ली की बात करें तो दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 6360 हो गई है. 3 दिन पहले यही संख्या 2291 थी. हालांकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केसेस का बढ़ना भले तेज़ है, लेकिन ये चिंता की बात नहीं है, क्योंकि ये केसेस माइल्ड हैं. पर दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया से आए आंकड़े चिंतित करते हैं. ऑस्ट्रेलिया में एक्टिव केसेस घटे हैं, पर हॉस्पिटलों में अब भी करीब तीस हजार मरीज हैं. और कुछ जगहों पर हॉस्पिटलाइजेशन बढ़ा भी है. तो अब ऐसे में भारत के लिहाज से क्या केजरीवाल के बयान से सहमत होकर निश्चिंत हुआ जा सकता है कि केसेस बढ़ेंगे पर स्थिति गम्भीर नहीं होगी?

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योगी आदित्यनाथ, जो इस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, 2017 में जब वो मुख्यमंत्री बने थे, तब वो गोरखपुर के सांसद थे, फिर इस्तीफ़ा देकर विधान परिषद के रास्ते मुख्यमंत्री बने, लेकिन इस बार उनके पास चुनाव लड़कर विधायक बनने का पूरा समय है. कुछ दिन पहले कयास लगाए जा रहे थे कि योगी इस बार भी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में विधान परिषद का विकल्प चुन लेंगे, लेकिन कल उनके बयान ने इन कयासों को एक सिरे से खारिज़ कर दिया. योगी ने साफ किया कि वो इस बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, हालांकि योगी ने ये नहीं बताया कि कहां से, बड़े साफगोई से कह दिया कि पार्टी जहां से कहेगी, वहां से चुनाव लड़ूंगा.

इस बयान के बाद बहस का केंद्र इस तरफ मुड़ा कि योगी गोरखपुर से आते हैं, गोरखपुर के 15 साल से ज्यादा समय तक सांसद भी रहे. फिर जो गोरखपुर उन्हें इतने लंबे समय तक संसद भेजता रहा, वहां से विधानसभा चुनाव लड़ने से योगी श्योर क्यों नहीं हैं? क्या गोरखपुर के स्थानीय समीकरणों के नाते योगी गोरखपुर से चुनाव लड़ने को लेकर शंका में हैं या कोई और बात है? और भाजपा अगर उन्हें पूर्वांचल से बाहर चुनाव लड़ने के लिए उतरती है तो ये योगी के लिए कितना सेफ होगा?

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2020 में क्रिकेट से लोगों की शिकायतें रहीं थी कि कोरोना की वजह से बहुत ज्यादा हो नहीं सका. और 2021 में यही शिकायत बदल गई, लोग कहने लगे कि बहुत ज्यादा व्यस्त शेड्यूल हो गया, कुछ कम चाहिए था. 2021 का यही व्यस्त शेड्यूल 2022 में भी खिंचकर आया है.

साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज करने के बाद भारत आज दूसरा टेस्ट खेलने उतरेगा. तीन मैचों की सीरीज है तो ये मुकाबला निर्णायक भी है. जीत गया तो सीरीज भी जीत जाएगा. और हारा तो सीरीज की जीत हार आख़िरी मैच तक जाएगी. भारत अब तक साउथ अफ्रीका में कोई टेस्ट सीरीज ही नहीं जीत सका है. तो इसलिए भी इस मैच और इस सीरीज की जीत बहुत ज़रूरी है. हालांकि कहते हैं कि जीती हुई टीम में कोई फेरबदल नहीं चाहिए होता है, और अमूमन फेरबदल टीमें करती भी नहीं हैं, लेकिन आज के इस मैच में सम्भवतः क्या ज़रूरी फेरबदल हो सकते हैं या प्लेइंग इलेवन क्या होगी और भारतीय टीम कहां मजबूत और कहां कमज़ोर नज़र आ रही है?

इन ख़बरों पर विस्तार से चर्चा के अलावा ताज़ा हेडलाइंस, देश-विदेश के अख़बारों से सुर्खियां, आज के इतिहास की अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ..

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3 जनवरी 2022 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें...

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