India AI Impact Summit 2026 ने दुनिया भर के नेताओं, टेक्निकल कंपनियों और एक्सपर्ट्स को एक मंच पर लाकर AI के क्षेत्र में दोस्ती, कूटनीति और डिजिटल साझेदारी की एक नई मिसाल पेश की है. इंडिया इम्पैक्ट समिट 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा है.
इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और गूगल, ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के सीईओ शामिल हो रहे हैं.समिट ग्लोबल लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भारत की रणनीति और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला अहम मंच माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट का उद्घाटन किया और कहा कि AI को सबके भले के लिए इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' का मंत्र दिया, यानी AI का फायदा सभी लोगों तक पहुंचे. समिट में AI को तीन मुख्य सूत्रों- लोग, ग्रह (पृथ्वी) और प्रगति के आधार पर चर्चा की गई. इसका मतलब था कि AI से लोगों का जीवन बेहतर हो, पर्यावरण सुरक्षित रहे और आर्थिक विकास तेज हो.
समिट में दोस्ती और कूटनीति की खूब झलक दिखी. प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से मुलाकात की. क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच, नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्सांदर वुचिच और सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले जैसे मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी समिट में शामिल हुए. उनकी यात्रा से भारत-फ्रांस की पुरानी दोस्ती को AI के क्षेत्र में नई ताकत मिली. दोनों देशों ने AI में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. कई अन्य देशों ने भी भारत के साथ डिजिटल साझेदारी की बात की.
यह समिट डिजिटल साझेदारी का बड़ा मौका है. भारत ने दुनिया को दिखाया कि वह AI में सिर्फ इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि नियम बनाने और नेतृत्व करने वाला देश बन रहा है. यहां ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की आवाज मजबूत हुई है.
भारत ने AI को स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और रोजगार जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल करने के तरीके बताए. उदाहरण के लिए, AI से खेती में मिट्टी की जांच हो सकती है. मौसम का सही अनुमान लग सकता है और फसल अच्छी हो सकती है. स्वास्थ्य में बीमारियां जल्दी पकड़ी जा सकती हैं और इलाज सस्ता हो सकता है.
समिट में बड़ी टेक कंपनियों ने भी भारत के साथ हाथ मिलाया. गूगल, ओपनएआई और अन्य कंपनियों ने नए प्रोग्राम और पार्टनरशिप की घोषणा की. भारत का IndiaAI मिशन खास चर्चा में रहा, जिसमें स्वदेशी AI मॉडल बनाने और डेटा सुरक्षा पर जोर है.
भारत ने दिखाया कि AI में अमेरिका-चीन के बीच की लड़ाई से अलग एक तीसरा रास्ता भी है. जो सबके लिए फायदेमंद हो सकता है. यह समिट भारत की डिजिटल कूटनीति का एक बड़ा कदम है.